भोपाल हाट में आजीविका ग्रीन मेला आज से शुरू | The Voice TV

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भोपाल हाट में आजीविका ग्रीन मेला आज से शुरू

Date : 24-Jan-2026

 भोपाल, 24 जनवरी। रसायन-मुक्त खेती, जैविक जीवनशैली और महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत से बने उत्पादों को एक ही छत के नीचे देखने-खरीदने का सुनहरा अवसर राजधानी भोपालवासियों को शनिवार से तीन दिनों तक लगातार मिलने जा रहा है।

दरअसल, राजधानी के भोपाल हाट में 24 से 26 जनवरी तक आयोजित होने वाला ये आजीविका ग्रीन मेला रसायन-रहित खेती और जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस मेले का आयोजन मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा किया जा रहा है, जिसमें महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं। मेले में लगभग 40 स्टॉल लगाए गए हैं जहां पौधे, फल, सब्जियां, अनाज, बीज, जैविक खाद, कीटनाशक एवं बागवानी से जुड़ा विविध सामान उपलब्ध है।

ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हर्षिका सिंह ने शनिवार को बताया कि यह मेला अन्य मेलों से अलग है, क्योंकि यहां पूरी तरह रसायन-मुक्त और प्राकृतिक तरीके से तैयार किए गए उत्पाद उपलब्ध होंगे। शोभादार पौधों में गुलाब, सेवंती, डहेलिया, जबकि आस्था से जुड़े पौधों में तुलसी, शमी, बेल प्रमुख रूप से मिलेंगे। सब्जी पौधों में टमाटर, मिर्च, गोभी, पत्ता गोभी तथा ग्राफ्टेड सब्जियों में बैंगन के पौधे उपलब्ध हैं। वहीं उन्नत फलदार पौधों में ग्राफ्टेड आम, अमरूद (थाई पिंक), बीजरहित नींबू, संतरा, चीकू और अनार विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।

उन्‍होंने बताया कि भोपाल, रायसेन, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, मंदसौर, विदिशा, ग्वालियर, राजगढ़, सागर, श्योपुर, आगर-मालवा, बैतूल, जबलपुर, नरसिंहपुर, गुना और डिंडौरी सहित कई जिलों से समूहों की दीदियां अपने-अपने क्षेत्रों की खास सामग्री लेकर यहां आई हैं। कहीं से मिलेट्स और पोहा, कहीं से जैविक दाल-गुड़, तो कहीं से सरसों का तेल, गाय का घी और गौ-आधारित उत्पाद यहां लाए गए हैं।

इसके साथ ही उनका कहना है कि मेले में जैविक खाद और कीटनाशकों की भी भरपूर श्रृंखला मौजूद है, जिनमें केंचुआ खाद, नाडेप खाद, घन व द्रव्य जीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, अग्नि अस्त्र, पांचपर्णी और दशपर्णी काढ़ा शामिल हैं। एकीकृत कीट नियंत्रण के लिए नीले-पीले स्टिकी ट्रैप, फेरोमोन ट्रैप और लाई ट्रैप भी उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा मिट्टी व गोबर के गमले, रूट ट्रे, कोको पिट, नर्सरी उपकरण, खुरपी, सिकेटियर और बडिंग चाकू जैसे उपयोगी यंत्र भी खरीदे जा सकते हैं। मेले में आने वाले लोगों के लिए ताजे फलों का जूस, फ्रूट सलाद और हर्बल पेय भी विशेष आकर्षण रहेंगे। यह मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा।


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