भारतीय मूल के अमरीकी उद्यमी विवेक रामास्वामी अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से बाहर हो गये हैं। उन्होंने डोनल्ड ट्रंप को समर्थन देने की घोषणा की है। आयोवा में रिपब्लिकन पार्टी के कॉकस सम्मेलन में कल शाम खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।
माना जाता है कि इन सम्मेलनों से अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव की लंबी प्रक्रिया प्रारम्भ होती है, क्योंकि इन्हीं सम्मेलनों में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट पार्टी के सदस्य अपने उम्मीदवार नामित करते हैं। राजनीतिक समूहों में आमतौर पर अनजान रहे 38 वर्ष के रामास्वामी ने पिछले वर्ष फरवरी में राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में उतरने की घोषणा की थी और प्रवासियों तथा अमरीका के प्रति पहले से जुड़े अपने विचारों के कारण रिपब्लिकन मतदाताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने और उनका समर्थन प्राप्त करने में सफल रहे थे।
हालांकि आयोवा के सम्मेलन में शानदार जीत हासिल करके डोनल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उम्मीदवारी की होड़ में स्पष्ट रूप से सबसे आगे निकल गये हैं। ट्रंप लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव में नामांकन हासिल करना चाहते हैं और चाहते हैं कि एक बार पुन: वर्तमान राष्ट्रपति जो0 बाइडेन से उनका सामना हो।
अमरीका के बीचोबीच स्थित ग्रामीण प्रांत आयोवा प्रत्येक 4 वर्ष पर चर्चा में आता है, क्योंकि वहां से अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव के लिए होड़ शुरू होती है। एडीशन रिसर्च संस्था ने बताया है कि रिपब्लिकन सम्मेलन में 60 प्रतिशत संभावित मतों में से 50.6 प्रतिशत मत ट्रंप के पक्ष में गये हैं। रामास्वामी 7.7 प्रतिशत पाकर चौथे स्थान पर हैं, जबकि फ्लोरिडा के प्रशासक सान्टिस को 21.4 प्रतिशत और संयुक्त राष्ट्र में पूर्व दूत निकी हेली को 19.4 प्रतिशत मत मि
