मथुरा-वृंदावन में बजने लगी विकास की बांसुरी | The Voice TV

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मथुरा-वृंदावन में बजने लगी विकास की बांसुरी

Date : 27-Nov-2023

देश में केंद्र और राज्यों की भाजपा सरकारें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मूलमंत्र 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' को चरितार्थ कर रही हैं। पौराणिक स्थलों के विश्वस्तरीय विकास को देश और सम्बन्धित प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया है। इसके अभूतपूर्व सकारत्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं। उज्जैन और काशी में पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। अयोध्या में भी जनवरी से ऐसा माहौल दिखाई देने लगेगा। मथुरा-वृंदावन का भी वैश्विक पर्यटन की दृष्टि से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने मथुरा में ब्रज विकास परिषद का गठन किया है। इसी परिषद के माध्यम से व्यापक कार्य सम्पादित हो रहे हैं। अयोध्या में दीपोत्सव का विश्व रिकार्ड कायम हो चुका है। ब्रज क्षेत्र भी फागुन में रंगोत्सव में सराबोर होने लगा है। मथुरा रंगोत्सव को विश्व में प्रतिष्ठित किया गया है। यहां के कण-कण में बिहारी जी और राधा जी का दर्शन होता है। मथुरा की सात्विकता,वैष्णो भाव और पवित्रता को देखकर दुनिया को भक्ति की शक्ति की अनुभूति होने लगी है। मथुरा, वृन्दावन, बरसाना बलदेव, गोवर्धन और गोकुल को तीर्थ स्थल का दर्जा दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हाल ही में मथुरा पहुंचे। उन्होंने बड़ा संदेश दिया। बोले-जब देश आजाद हुआ तो जो महत्व इस पवित्र तीर्थ को मिलना चाहिए था वो हुआ नहीं। जो लोग भारत को उसके अतीत से काटना चाहते थे, जो लोग भारत की संस्कृति और उसकी आध्यात्मिक पहचान से विरक्त थे, जो आजादी के बाद भी गुलामी की मानसिकता नहीं त्याग पाए। उन्होंने ब्रज भूमि को भी विकास से वंचित रखा। लेकिन अब राम मंदिर की तिथि भी आ गई है। अब वो दिन दूर नहीं जब यहां भगवान कृष्ण के दर्शन और भी दिव्य रूप में होंगे। भारत हमेशा से नारी शक्ति का पूजन करने वाला देश रहा है। कृष्ण के आगे भी राधा ही लगा है। हमारे देश में महिलाओं ने हमेशा जिम्मेदारियां भी उठाईं और समाज को लगातार मार्गदर्शन भी किया है। मीराबाई जी इसका भी एक प्रखर उदाहरण रही हैं। मीराबाई पथ प्रदर्शक रही हैं। भगवान श्रीकृष्ण और मीराबाई का गुजरात का अलग ही रिश्ता है। मथुरा के कान्हा ने यहां से जाकर गुजरात में द्वारिका बनाई और उनकी महान भक्त मीराबाई ने राजस्थान से आकर अंत समय गुजरात में बिताया।

चौरासी कोस का ये ब्रज मंडल उत्तर प्रदेश और राजस्थान को जोड़कर बनता है। योगी आदित्यनाथ साढ़े छह वर्षों से मथुरा के विकास के लिए जी-जान से जुटे हैं। पौराणिक आस्था एवं संस्कृति से जुड़े रहने के लिए ब्रज क्षेत्र में श्रीकृष्ण की प्रिय प्रजातियों के आठ लाख पौधों का रोपण हो चुका है। मथुरा-वृन्दावन को नगर निगम का दर्जा प्रदान किया गया है। रंगोत्सव कृष्णोत्सव एवं वैष्णव बैठक के आयोजन ने पूरी दुनिया में ब्रज संस्कृति को पुष्पित एवं पल्वित किया है। स्वतंत्र भारत में ब्रज भूमि के विकास का समय आया है। मथुरा, वृन्दावन, बरसाना, नन्दगांव तथा बलदेव ये सभी तीर्थस्थल बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं।

ब्रज भूमि के विकास के लिए लगभग तीस हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट विभिन्न चरणों में हैं। अयोध्या की दीपावली और बरसाने व काशी की होली विश्व प्रसिद्ध है। यह सभी स्थल उत्तर प्रदेश में है। प्रधानमंत्री मोदी और योगी आदित्यनाथ ने इन अवसरों को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित कराया है। इन धार्मिक आयोजन में सहभागी होने के लिए विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण प्रगति पर है। भव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण हो चुका है।

काशी में गंगा जी को निर्मल और अविरल बनाने का कार्य किया गया है। इसी तरह यमुना जी पूरी तरीके से निर्मल होंगी। सरकार ब्रज क्षेत्रवासियों को शुद्ध व मीठा पेयजल उपलब्ध करायेगी। गोवर्धन परिक्रमा क्षेत्र को विकसित करने के लिए एक सौ सत्रह करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। गोवंश को संरक्षित किया गया है। । टीकाकरण के बाद गोवंशों को ईयर टैग किया जा रहा है। निराश्रित गोवंश को संरक्षण देने वालों को राज्य सरकार नौ सौ रुपये प्रतिमाह प्रति गोवंश दे रही है। गौ आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। बरसाना स्थित श्री माताजी गौशाला में श्री श्याम लक्ष्मी गऊ चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र निर्मित किया गया है।

 लेखक - डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

(लेखक, स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।)


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