नवरात्रि के नौं दिन माँ की पूजा-अर्चना पूरे विधि- विधान से की जाती है, आज नवरात्र का पांचवां दिन माँ के नौं रूपों में से एक रूप स्कंदमाता की प्रार्थना की जाति है |
पांचवां दिन माँ स्कंदमाता – नवरात्रि के पांचवें दिन माँ स्कंदमाता की आराधना की जाती है, माता के चार हाथ और तीन आंखें हैं | भगवान कार्तिकेव की माता है देवी स्कंधमाता | दुर्गा देवी के स्वरूप से खुशी, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है | माता की पूजा के बाद केले का भोग लगाने से शारीरिक स्वास्थ्य हमेशा स्वस्थ रहता है |
भोग- केले का भोग |
रंग- सफेद |
मंत्र- ओम यें व्हीं क्लीं स्कंधमाताये नम: |
