नवरात्रि के नौं दिन माँ की पूजा-अर्चना पूरे विधि- विधान से की जाती है , आज नवरात्र का तीसरा दिन माँ के नौं रूपों में से एक रूप चंद्रघंटा की अराधना की जाति है |
तीसरा दिन माँ चंद्रघंटा – माँ चंद्रघंटा बुरे कुकर्मों और पापों से मुक्ति दिलाती है | नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है | माता के मस्तक पर अर्धचन्द्र धारण करती है | इस दिन भूरे या ग्रे कलर के कपड़े पहनकर माता की पूजन करना चाहिए | ये रंग बुराई को नष्ट करके दृढ संकल्प को जगाता है | इनकी पूजा से सकारात्मकता महसूस होती है | माँ चंद्रघंटा को दूध, दूध से बनी मिठाई या खीर का भोग लगाकर ब्राम्हणों को खिलने से वे सभी दुखों को दूर करती है |
भोग- दूध, मिठाई खीर का भोग |
रंग- भूरा या ग्रे |
मंत्र जाप – ॐ यें व्ही क्लीं चन्द्रघंटाये नम: |
