लोकसभा ने आज जैव विविधता (संशोधन) विधेयक 2022 पारित कर दिया। विधेयक का उद्देश्य औषधीय पौधों पर अनुसंधान को बढ़ावा देना, पौधों पर आधारित दवाओं के उत्पादन को प्रोत्साहित करना और वन उपज का लाभ स्थानीय व्यक्तियों को पहुंचाना है। यह विधेयक घरेलू कंपनियों के लिए अनुपालन आवश्यकताओं को सरल बनाने के लिए जैविक विविधता अधिनियम 2002 में संशोधन करेगा। विधेयक के प्रावधानों के अनुसार संहिताबद्ध पारंपरिक ज्ञान के उपयोगकर्ताओं और आयुष चिकित्सकों को स्थानीय समुदायों के साथ लाभ साझा करने से छूट दी जाएगी।
चर्चा की शुरुआत करते हुए भारतीय जनता पार्टी के डॉक्टर संजय जायसवाल ने कहा कि ये विधेयक जैव विविधता के क्षेत्र में अनुसंधान को बढावा देगा और इससे उन राज्यों को भी लाभ होगा जहां समृद्ध जैव-विविधता है। चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि व्यापक विचार विमर्श के बाद सदन में पेश किये गए विधेयक को कई सदस्यों ने अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि इससे औषधीय पौधों की खेती, अनुसंधान और आयुष क्षेत्र के समग्र विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
