नई दिल्ली, 29 जून । देश में आधार आधारित चेहरा प्रमाणीकरण लेनदेन लगातार गति पकड़ रहा है और अक्टूबर 2021 में लॉन्च होने के बाद से इस साल मई में मासिक लेनदेन 10.6 मिलियन के उच्चतम स्तर को छू गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गुरुवार को आंकड़े जारी करते हुए कहा कि 10 मिलियन से अधिक फेस ऑथेंटिकेशन लेनदेन दर्ज करने वाला यह लगातार दूसरा महीना है। फेस ऑथेंटिकेशन लेनदेन की संख्या बढ़ रही है। इस साल जनवरी के मुकाबले मई माह में आधार आधारित ट्रांजैक्शन में 38 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा इन-हाउस विकसित एआई/एमएल आधारित फेस प्रमाणीकरण समाधान, अब राज्य सरकार के विभागों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और कुछ बैंकों सहित 47 संस्थाओं द्वारा उपयोग किया जा रहा है।
आधार आधारित चेहरा प्रमाणीकरण लेनदेन का उपयोगों आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थियों को पंजीकृत करने के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान योजना में लाभार्थियों के सत्यापन और पेंशनभोगियों द्वारा घर पर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने के लिए किया जा रहा है। इसका उपयोग कई सरकारी विभागों में कर्मचारियों की उपस्थिति को चिह्नित करने और कुछ प्रमुख बैंकों में उनके व्यवसाय संवाददाताओं के माध्यम से बैंक खाते खोलने के लिए किया जा रहा है।
मई के महीने में यूआईडीएआई ने निवासियों के अनुरोध के बाद 14.86 मिलियन आधार अपडेट निष्पादित किए। मई 2023 के अंत तक, आधार ई-केवाईसी लेनदेन की संचयी संख्या 15.2 बिलियन से अधिक हो गई है।
