मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देश में जल-संरक्षण और प्रबंधन में मध्यप्रदेश पहले स्थान पर है, यह बड़ी उपलब्धि है। मध्यप्रदेश कई क्षेत्रों में देश में प्रथम है, स्वच्छता में हम कुछ वर्षों से अग्रणी हैं। श्री चौहान मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई की क्षमता बढ़ी है, हम पानी की एक-एक बूंद का उपयोग करने के लिए प्रेशराइज्ड पाइप से सिंचाई की व्यवस्था कर रहे हैं, इससे उपलब्ध पानी से पौने 2 गुना अधिक क्षेत्र में सिंचाई संभव हो रही है। साथ ही प्रदेश में जल- संरचनाओं का जाल बिछाया गया है। इन कार्यों के लिए ही भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को पुरस्कृत किया गया है। इस उपलब्धि के लिए जल संसाधन पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नर्मदा घाटी विकास विभाग बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय से प्राप्त चौथा राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2022 का प्रशस्ति-पत्र और प्रतीक-चिन्ह भेंट किया।
