कोलकाता, 27 जून । पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव को केंद्र पर भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई ने मंगलवार को चुनावी घोषणा पत्र जारी किया है। कमल वार्ता के नाम से इस घोषणापत्र को जारी करते समय प्रदेश भाजपा की ओर से शीर्ष नेताओं के बीच एकजुटता के भी संकेत दिए गए। इसकी वजह है कि घोषणापत्र के मंच पर बीच में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार मौजूद थे जबकि उनकी बाईं ओर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और दाहिनी ओर नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी मौजूद थे
हाल के दौर में कई बार ऐसा हुआ है कि मॉर्निंग वॉक के समय दिलीप घोष ने शुभेंदु पर और शुभेंदु ने पत्रकार वार्ता के समय इशारे-इशारे में दिलीप घोष पर हमला बोला था लेकिन घोषणा पत्र जारी करते समय तीनों नेताओं ने एक सुर में भ्रष्टाचार मुक्त पंचायत गठन का आश्वासन दिया और राज्य प्रशासन पर भी हमला बोला।
क्या है घोषणापत्र की खासियत
पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा ने मुख्य रूप से नौ बिंदुओं पर काम करने की घोषणा की है। इनमें से भ्रष्टाचार मुक्त पंचायत का गठन, किसानों का विकास सुनिश्चित करना, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए विकास सुनिश्चित करना मुख्य रूप से शामिल है। इसके अलावा स्वास्थ्य, महिला कल्याण और नई पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करने का वादा किया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, सुशासन और सबसे बढ़कर राज्य में कानून व्यवस्था की बेहतरी की बात घोषणा पत्र में कही गई है।
शुभेंदु अधिकारी ने इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य प्रशासन और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि राज्य चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के एक अंग के तौर पर काम कर रहे हैं। राज्य में विपक्ष के अधिकारों का हनन हो रहा है हर जगह हमले हिंसा की घटनाएं रोज हो रही हैं। पुलिस प्रशासन कार्रवाई के बजाय मददगार बना हुआ है।
उन्होंने राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती के बावजूद उन्हें कहां-कहां ड्यूटी देनी है, इस बारे में राज्य प्रशासन की ओर से ठोस योजना नहीं होने को लेकर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि माननीय हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य चुनाव आयोग केंद्रीय बलों को बुलाने के लिए तो बाध्य हुआ लेकिन वह किसी भी तरह से पंचायत चुनाव में छप्पा वोटिंग और हिंसा के लिए रास्ता खुला रखना चाहते हैं। इसलिए केंद्रीय बलों को गुमराह किया जा रहा।
दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी के शासन में ना केवल पंचायत बल्कि पूरे राज्य में हर मुद्दे पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। अगर भाजपा को राज्य की जनता पंचायत में मौका देती है तो निश्चित तौर पर उन्हें भ्रष्टाचार मुक्त सेवाएं उपलब्ध होंगी।
सुकांत मजूमदार ने कहा कि बंगाल के लोग यह बात भली-भांति समझते हैं कि राज्य में भ्रष्टाचार में लिप्त ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ फेंकने का एकमात्र विकल्प भाजपा है। इसलिए निश्चित तौर पर इस बार पंचायत चुनाव में ममता को जनता सबक सिखाएगी।
