देहरादून, 25 जून । जी-20 इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यसमिति की तीसरी तीन दिवसीय बैठक 26 से 28 जून तक उत्तराखंड के नरेन्द्र नगर में होने जा रही है। इस बैठक में जी-20 देशों के साथ आमंत्रित देशों के कुल 63 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरान इसमें निवेश के विभिन्न पहलुओं पर 07 अलग अलग विषयों विमर्श-विमर्श किया जाएगा।
यह जानकारी रविवार को संयुक्त सचिव ने नरेन्द्र नगर (टिहरी गढ़वाल) पीटीसी स्थित एक होटल मेंसोलोमन अरोकियाराज में पत्रकार वार्ता में दी। इस दौरान उन्होंने बताया कि जी-20 सदस्य देशों, आमंत्रित देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कुल 63 प्रतिनिधि शामिल होंगे। फ्रास्ट्रक्चर एजेंडा पर चर्चा को आगे बढ़ाने और मार्च विशाखापत्तनम में आयोजित दूसरी आईडब्ल्यूजी बैठक के दौरान हुई चर्चाओं की पश्चातवर्ती कार्रवाई के लिए इस बैठक में भाग लेंगे।
तीसरी आईडब्ल्यूजी बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंडा की विभिन्न कार्य-धाराओं की दिशा में ठोस प्रगति पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में अन्य प्राथमिकताओं के साथ-साथ कल के शहरों का वित्त पोषण: समावेशी लचीला और टिकाऊ'' पर की जाने वाली चर्चा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान कहा कि सरकारी के अलावा निजी सहभागिता पर जोर दिया जाएगा।
तीन दिवसीय बैठक के दौरान औपचारिक चर्चाओं के अलावा प्रतिनिधियों के लिए विभिन्न आधिकारिक बैठकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। प्रतिनिधियों को ऋषिकेश की समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक छटा का अनुभव भी करवाया जाएगा। इस दौरान गंगा आरती भी दिखाया जाएगा। प्रेसीडेंसी ने 28 जून की दोपहर 2 बजे प्रतिनिधियों के लिए एक भ्रमण की भी व्यवस्था की है।
आईडब्ल्यूजी बैठकों के मौके पर दो सेमिनारों का आयोजन भी किया जा रहा है। 26 जून को एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक के साथ साझेदारी में "टिकाऊ शहरों के रोडमैप पर उच्च स्तरीय सेमिनार" का भी आयोजन किया जा रहा है।
तीन सत्रों में होने वाली चर्चा से जी- 20 के निर्णय निर्माताओं को तीव्र शहरीकरण, और समावेशिता, प्रौद्योगिकी इंफ्राटेक और डिजिटलीकरण की भूमिका की खोज के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन से लेकर बुनियादी ढांचे के लचीलेपन तक की प्रमुख चुनौतियों को भी सुनने का अवसर मिलेगा।
प्रतिनिधि इंडोनेशिया में दुनिया के सबसे महत्वाकांक्षी शहरों में से एक नए शहर नुसतारा के विकास को लाँच करने के अद्वितीय दृष्टिकोण से भी सीखेंगे। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय विशेषज्ञ भी चर्चा में शामिल हो रहे हैं।
27 जून को भारत को एमआरओ हब बनाने पर एक सम्मेलन भी आयोजित किया गया है, जिसमें एमआरओ क्षेत्र में भारत द्वारा पेश किए जाने वाले अवसरों पर चर्चा करने का एजेंडा शामिल है।
प्रतिनिधियों को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का आनंद लेने और स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेने का अवसर प्रदान करने के लिए रात्रि भोज पर संवाद की भी मेजबानी की जाएगी। प्रेसीडेंसी ने प्रतिनिधियों के अनुभव के लिए 26 जून को योग रिट्रीट की भी योजना बनायी है। डेलीगेट्स जी-20 के ओणीगांव के भ्रमण पर भी जाएंगे। इससे पहले मई में आयोजित जी-20 के डेलीगेट्स भी इस गांव का दौरा किया था। बैठक में आए एजेंडा को वित्त मंत्रियों के सामने रखा जाएगा। जी-20 देशों के अलावा 13 आमंत्रित देश के अतिथि भी शामिल होंगे। इनमें चार अंतरराष्ट्रीय देशों के संस्थानों के वर्चुअल बैठक में शामिल होंगे।
जी-20 इंफास्ट्रक्चर कार्य समूह बुनियादी ढांचे के निवेश के विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श करता है, जिसमें बुनियादी ढांचे को एक परिसंपत्ति वर्ग के रूप में विकसित करना, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे के निवेश को बढ़ावा देना और बुनियादी ढांचे के निवेश के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए नवीन उपकरणों की पहचान करना भी शामिल है। आधारभूत कार्य समूह के नतीजे जी-20 फाइनेंस ट्रैक प्राथमिकताओं में शामिल होते हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ावा देते हैं।
