नई दिल्ली, 24 जून । केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को ओमीक्रॉन-विशिष्ट बूस्टर टीका एमआरएनए-आधारित जेमकोवैक -ओम को लॉन्च किया। यह भारत का पहला एमआरएनए वैक्सीन जेनोवा द्वारा स्वदेशी प्लेटफ़ॉर्म तकनीक का उपयोग करके विकसित किया गया है। इसे विकसित करने के लिए जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) ने वित्तीय सहायता प्रदान की है। कुछ दिन पहले इस वैक्सीन को ड्रग कंट्रोल जनरल ऑफ इंडिया ने आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी थी।
इस वैक्सीन को कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता नहीं है। दूरदराज के इलाकों में भी इसे लगाना आसान है और इसे सुई के इंजेक्शन के बिना भी लगाया जा सकता है। इस मौके पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण के अनुरूप 'भविष्य के लिए तैयार' प्रौद्योगिकी मंच के निर्माण की दिशा में तेजी से काम किया है। डीबीटी इस मिशन को पूरा कर रहा है ।
उन्होंने कहा कि यह नवाचार हमारे देश में अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन को आसान बना रहा है। इसकी अनूठी विशेषता यह है कि इस टीके को सुई के इंजेक्शन के बिना भी लगाया जा सकता है।
