शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि देश में सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य और उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए भारत अमरीका वैश्विक चुनौती संस्थानों की स्थापना की जाएगी। श्री प्रधान ने भारत और अमरीका के विश्वविद्यालयों के बीच भागीदारी को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडन के संकल्प का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी के संबंध में भारत-अमरीका की हाल की पहल से दोनों देशों की भागीदारी में नये दौर की शुरुआत होगी। इससे ख़ासकर आधुनिक तकनीकों के बेहतर परिणाम मिल सकेंगे और साझा अनुसंधान तथा उत्कृष्ट शिक्षा संस्थानों को बढ़ावा मिलेगा। श्री प्रधान ने यह भी कहा कि अमरीकी विश्वविद्यालय संघ के साथ मिलकर बनाए गए संयुक्त कार्यबल में इस विषय में चर्चा हो रही है। इस कार्यबल में चोटी के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-आईआईटी और भारतीय विज्ञान संस्थान शामिल हैं।
