नौवां अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस कल विश्‍वभर में मनाया जाएगा, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी न्‍यूयॉर्क में संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय में कार्यक्रम में भाग लेंगे | The Voice TV

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नौवां अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस कल विश्‍वभर में मनाया जाएगा, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी न्‍यूयॉर्क में संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय में कार्यक्रम में भाग लेंगे

Date : 20-Jun-2023

नौवां अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस कल विश्‍वभर में मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी न्‍यूयॉर्क में संयुक्‍त राष्‍ट्र के मुख्‍यालय में योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस वर्ष योग दिवस का विषय है- वसुधैव कुटुम्‍बकम् के लिए योग। प्रधानमंत्री मोदी ने आकाशवाणी पर अपने कार्यक्रम मन की बात में बीते वर्षों में कई बार श्रोताओं से कहा है कि शारीरिक और मानसिक रूप से स्‍वस्‍थ रहने के लिए योग करना चाहिए। हाल में मन की बात में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि 21 जून को ऐसे लोगों के लिए योग से जुडने का बहुत अच्‍छा अवसर है, जो इससे अभी तक जुड़े नहीं हैं।

2014 में संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने हर वर्ष 21 को अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाने का सुझाव दिया था। इसे एक सौ 77 देशों का समर्थन मिला और तब से विश्‍व के सभी देशों में अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।

संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा ने अपने प्रस्‍ताव में 21 जून को अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस घोषित किया है। 2015 से विश्‍वभर में अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जन-अभियान के रूप में उभरा। योगासन करने से शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा मिलने की प्रक्रिया में सुधार होता है, सही तरीके से रक्‍त संचार होता है और सांस और हृदय से संबंधित रोगों तथा मधुमेह से बचाव होता है। प्राणायाम जैसे सांस के योगासन से लोगों को तनाव और चिंताओं से मुक्‍त होने में मदद मिलती है। कोविड महामारी के दौरान लोगों को इस रोग के बाद दुष्‍प्रभावों से उबरने में काफी मदद मिली। नियमित रूप से योग के अभ्‍यास से लोग तनावमुक्‍त रहते हैं और संतुलित जीवन जीते हैं, जो समय की मांग है। योग भारत के लिए गर्व का विषय है और भारतीय सांस्‍कृतिक तथा अध्‍यात्‍मिक विरासत का अभिन्‍न अंग है। यह स्‍वस्‍थ जीवन के लिए प्राचीन वैज्ञानिक ज्ञान परंपरा का भाग है और इसे दैनिक जीवन में अपनाने से जीवन आसान और सहज हो सकता है। विश्‍व में योग के महत्‍व और इसके प्रसार को देखते हुए सरकार ने पर्यटकों को वीजा और ई-टूरिस्‍ट वीजा के अंतर्गत अल्‍पकालिक योग कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति दी है। 


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