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केदारनाथ मंदिर को स्वर्ण जड़ित करने पर विवाद षडयंत्र का हिस्सा : बीकेटीसी

Date : 18-Jun-2023

 देहरादून, 18 जून। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को स्वर्णजड़ित करने पर सोशल मीडिया में फैलाये जा रहे भ्रम को षड्यंत्र का हिस्सा बताया है। दानी दाता की ओर से केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को स्वर्णजड़ित करने की इच्छा पर मंदिर समिति की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव का परीक्षण कर स्वर्णमंडित करने की अनुमति दी गई।

बीकेटीसी ने स्पष्ट किया है कि बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम-1939 में निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप ही दानी दाता से दान स्वीकार किया गया है और केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह को स्वर्ण मंडित करने के लिए प्रदेश शासन से अनुमति ली गई। भारतीय पुरात्व सर्वेक्षण विभाग के विशेषज्ञों की देखदेख में स्वर्ण मंडित करने का कार्य किया गया।

बीकेटीसी की ओर से केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर सोने की परत चढ़ाने की अनुमति दानी दाता की पावन भावना के अनुरूप दी गई। गर्भ गृह को स्वर्ण मंडित करने का कार्य स्वयं दानी दाता ने अपने स्तर से किया है। दानी दाता की ओर से अपने स्तर से ज्वैलर्स से तांबे की प्लेटें तैयार करवाई गई और फिर उन पर सोने की परतें चढ़ाई गईं। दानी दाता ने अपने ज्वैलर्स के माध्यम से ही इन प्लेटों को मंदिर में स्थापित कराया।

सोना खरीदने से लेकर दीवारों पर जड़ने तक का सम्पूर्ण कार्य दानी की ओर से कराया गया। मंदिर समिति की इसमें कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं रही। अर्थात सारा कार्य दानीदाता की ओर से ही किया गया। उन्होंने अपने स्वर्णकार के माध्यम से गर्भ गृह में लगाई गई स्वर्ण व तांबे की प्लेटों के आधिकारिक बिल व बाउचर बीकेटीसी को कार्य पूर्ण होने के पश्चात दे दिए थे। बीकेटीसी नियमानुसार इसे स्टॉक बुक में दर्ज किया गया है।

दानस्वरूप किए गए इस कार्य के लिए दानी व्यक्ति अथवा किसी फर्म की ओर से बीकेटीसी के समक्ष किसी प्रकार की शर्त नहीं रखी गई और नहीं दानी दाता ने बीकेटीसी से आयकर अधिनियम की धारा - 80 जी का प्रमाण पत्र मांगा।

इस दानी दाता ने वर्ष 2005 में बदरीनाथ मंदिर गर्भगृह को भी स्वर्ण जड़ित कराया था। मगर वर्तमान समय में एक सुनियोजित षडयंत्र के तहत विद्वेषपूर्ण आरोप लगाए जा रहे हैं। यह सर्वविदित है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में सुव्यवस्थित यात्रा संचालन के कारण यात्री संख्या में भारी वृद्धि हुई है। खास कर केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। यह क्षुद्र राजनीतिक तत्वों को रास नहीं आ रहा है। ऐसे तत्व यात्रा को प्रभावित करने और केदारनाथ धाम की छवि को धूमिल करने के लिए भ्रम फैला रहे हैं।


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