हैदाराबाद, 17 जून । भारतीय जी-20 अध्यक्षता के तहत कृषि कार्य समूह की तीन दिवसीय बैठक शनिवार को हैदराबाद में संपन्न हुई। इस मौके पर आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ज्ञान, अनुभव और नवीन विचारों को साझा करने के लिए यह प्रभावी मंच रहा, जो टिकाऊ कृषि की उन्नति के लिए महत्वपूर्ण है। कृषि क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों व अवसरों को लेकर बैठक में विचारोत्तेजक चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि कृषि-खाद्य मूल्य श्रृंखला में महिलाओं-युवाओं को मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया गया है। इनकी सक्रिय भागीदारी न केवल समान विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इस क्षेत्र की वास्तविक क्षमता को अनलॉक करने की कुंजी भी रखती है। महिलाओं-युवाओं को सशक्त बनाकर महत्वपूर्ण परिवर्तन और कृषि क्षेत्र के लिए बेहतर स्थायी भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ हुए कार्यक्रमों व उनकी दूरदृष्टि को सराहा गया।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वाराणसी में 12वीं चीफ एग्रीकल्चर साइंटिस्ट्स की मीटिंग में लॉन्च अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स और अन्य प्राचीन अनाज अनुसंधान पहल (महर्षि) को जी-20 के कृषि मंत्रियों की बैठक में सर्वसम्मति से मंजूरी मिली है। उन्होंने बताया कि हमारी खाद्य प्रणालियों में विविधता लाने व मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में, भारत ने अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स और अन्य प्राचीन अनाज अनुसंधान पहल (महर्षि) के शुभारंभ की अगुवाई की। भारत की इस पहल का उद्देश्य मिलेट्स (श्रीअन्न) व अन्य पारंपरिक अनाजों की खेती और खपत को देश-दुनिया में बढ़ाना है, जो अत्यधिक पोषण मूल्य रखते हैं व खाद्य सुरक्षा में योगदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि जी-20 इंडिया प्रेसिडेंसी के तहत एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप ने आउटकम डॉक्यूमेंट व चेयर समरी के साथ ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। बैठक में सदस्य राष्ट्रों ने सर्वसम्मति से डेक्कन उच्चस्तरीय सिद्धांतों पर सहमति व्यक्त की। ये सिद्धांत, टिकाऊ व समावेशी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में मील के पत्थर के रूप में काम करते हैं। साथ ही संसाधन दक्षता, जलवायु लचीलापन, सामाजिक समावेशिता के महत्व पर जोर देते हैं और कृषि चुनौतियों का समाधान करने में हमारे सामूहिक प्रयासों का मार्गदर्शन करते हैं।
बैठक के दौरान चर्चा में पर्यावरणीय प्रभाव कम करते हुए कृषि उत्पादकता बढ़ाने को लेकर नवाचार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। भारतीय अध्यक्षता के दौरान फोकस का एक अन्य प्रमुख क्षेत्र कृषि में डिजिटलीकरण रहा है। भारत ने उत्पादकता, बाजार पहुंच, कृषि मूल्य श्रृंखलाओं में सुधार के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों की परिवर्तनकारी क्षमता को पहचाना है। कृषि में भारत की जी-20 प्राथमिकताएं 'एक पृथ्वी' को ठीक करने, हमारे 'एक परिवार' में सद्भाव विकसित करने व 'एक उज्ज्वल भविष्य' की आशा प्रदान करने पर केंद्रित हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि भारत टिकाऊ कृषि के महत्व और खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण विकास व पर्यावरण संरक्षण पर इसके प्रभाव को पहचानता है। हम प्रभावी नीतियों और कार्यक्रमों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो किसानों की भलाई को प्राथमिकता देते हैं, नवीन कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देते हैं और हमारे सभी नागरिकों के लिए भोजन की पहुंच और सामर्थ्य सुनिश्चित करते हैं। खाद्य सुरक्षा के लिए जैव विविधता व पारिस्थितिक तंत्र सेवाओं को बनाए रखने पर चर्चा ने हमारे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला है। हमें पर्यावरण की रक्षा के लिए मिलकर काम करना चाहिए, जैव विविधता का संरक्षण करना चाहिए, ऐसी प्रथाएं अपनाना चाहिए, जो प्रकृति अनुरूप हो। आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ ग्रह सौंपना हमारी जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त, जलवायु समाधानों की खेती पर, बदलती जलवायु के अनुकूल होने और लचीली कृषि प्रणालियों के निर्माण की तत्काल जरूरत पर भी बैठक में प्रकाश डाला गया। जलवायु परिवर्तन खाद्य उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियां पेश करता है, हमें किसानों को इन चुनौतियों से सीधे निपटने के लिए जरूरी उपकरण व ज्ञान से लैस करना चाहिए। नवाचार अपना कर व जलवायु-स्मार्ट प्रथाएं बढ़ाकर हम बदलती दुनिया में भी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। स्थायी कृषि के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता व हमारे क्षेत्र में जटिल चुनौतियों का समाधान करने के लिए सदस्य देशों के साथ साझेदारी में काम करने के संकल्प को हमने दोहराया है।
केंद्रीय मंत्री ने हैदराबाद के साथ ही इससे पहले इंदौर, चंडीगढ़ व वाराणसी में हुई बैठकों के दौरान सक्रिय भागीदारी व बहुमूल्य योगदान के लिए जी-20 के सभी प्रतिनिधियों की हार्दिक सराहना की। उन्होंने जी-20 कृषि कार्य समूह के निवृत्तमान अध्यक्षों को उनके कार्यकाल में, उनके समर्पित नेतृत्व व सराहनीय प्रयासों के लिए आभार जताया व आगामी प्रेसिडेंसी पद (ब्राजील) के साथ पूरा सहयोग करने की बात कही। पत्रकार वार्ता में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी व शोभा करंदलाजे, नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद तथा केंद्रीय कृषि सचिव मनोज अहूजा भी उपस्थित थे ।
