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तिलजला थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं एनसीडब्ल्यू चीफ प्रियंक कानूनगो

Date : 03-Apr-2023

 कोलकाता, 03 अप्रैल महानगर कोलकाता के तिलजला थाना इलाके में सात वर्षीय एक बच्ची की निर्मम हत्या मामले की जांच करने पहुंचे राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीडब्ल्यू) के प्रमुख प्रियंक कानूनगो से थाने में हाथापाई हुई थी। कानूनगो ने तिलजला थाना प्रभारी विश्वाक मुखर्जी पर मारपीट के आरोप लगाए थे। इसके बाद उन्हें थाना प्रभारी के पद से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से कानूनगो संतुष्ट नहीं हैं।

गत शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद कानूनगो ने डीसी ईएसडी के पास थाना प्रभारी के खिलाफ लिखित प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके तुरंत बाद यह कार्रवाई की गई थी लेकिन सोमवार को "हिन्दुस्थान समाचार" से बातचीत में कानूनगो ने कहा कि थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई से वह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दरअसल उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है बल्कि मेरे ऊपर हमले के एवज में उसे इनाम दिया गया है। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कानूनगो ने कहा कि तिलजला जाने से पहले मैंने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस बात की आशंका जाहिर की थी कि मुझ पर हमले हो सकते हैं। मुख्य सचिव के अंतर्गत ही पुलिस काम करती है इसलिए अपने ही मातहतों से सरकार ने मुझ पर हमला करवाया। उस हमले के एवज में थाना प्रभारी विश्वक मुखर्जी को इनाम स्वरूप पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में भेजा गया है। वहां पर ऐसे पुलिस अधिकारी तैयार करेंगे जो मेरे जैसे केंद्रीय टीम के सदस्यों पर हमला करेंगे। इसीलिए यह कार्रवाई कोई दंडात्मक नहीं है, बल्कि इनाम स्वरूप है।"

उल्लेखनीय है कि तिलजला में एक सात साल की बच्ची की निर्मम हत्या कर उसके शव को सूटकेस में पैक कर दिया गया था। घटना का संज्ञान राष्ट्रीय बाल अधिकार रक्षा आयोग ने लिया था और इस संबंध में राज्य पुलिस से रिपोर्ट तलब की थी। इसके बाद शुक्रवार को कानूनगो घटनास्थल पर गए थे और परिवार के सदस्यों से बात करने की कोशिश की थी। वहां राज्य महिला और बाल अधिकार आयोग की चेयरपर्सन सुदेष्णा रॉय भी पहुंच गई थीं। इसकी वजह से दोनों के बीच जमकर विवाद हुआ था। उसके बाद वह जांच कर रहे थाना प्रभारी से बात करने थाने में गए थे। यहां उनकी बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस की वर्दी में लगे कैमरे में हो रही थी जिसे लेकर कानूनगो ने आपत्ति दर्ज कराई। इस पर आरोप है कि थाना प्रभारी ने मारपीट की। उसका वीडियो प्रियंक ने अपने ट्विटर अकाउंट पर डाला था जिसे लेकर देशभर में कोलकाता पुलिस की किरकिरी हुई है।


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