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सनातन को किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं: मोहन भागवत

Date : 30-Mar-2023

देहरादून, । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर में आयोजित जी-20 देशों के चीफ़ साइंस एडवाइजर्स वर्किंग ग्रुप में प्रतिभाग करने आए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से भेंट की। मुख्यमंत्री ने जी-20 देशोके सीएसएआर के एजेंडे के तहत वन हेल्थ को लेने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री धामी ने मेहमानों के स्वागत में आयोजित रात्रि भोज में भी प्रतिभाग किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी महान वैज्ञानिक एक बेहतर विश्व बनाने के प्रयासों के तहत कार्य कर रहे हैं। यह चिंतन अवश्य ही संपूर्ण मानवता के लिए हितकारी सिद्ध होगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे राज्य को जी-20 की तीन बैठकों का आयोजन करने का अवसर दिया गया। इन बैठकों में किया गया मंथन, चर्चा व अनुभवों की साझेदारी साइंस और पॉलिसी के बीच के गैप को कम करने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला हिमालय की गोद में बसा हमारा यह प्रदेश उत्तराखंड, "देवभूमि" के रूप में विख्यात है, क्योंकि यह केदारखंड और मानसखंड मंदिर समूहों और बद्रीनाथ धाम जैसे पौराणिक धाम की पवित्र भूमि है। यह हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे आध्यात्मिक केंद्रों तथा योग, आयुर्वेद और प्राणायाम का एक वैश्विक हब हैं। इतना ही नहीं यह प्रदेश सनातन धर्म और संस्कृति, जिसे हिंदू धर्म के रूप में भी जाना जाता है, का प्राचीनतम केंद्र भी है।

उन्होंने कहा कि जी-20 की थीम भारतीय संस्कृति की "वसुधैव कुटुंबकम की सोच पर आधारित है। हमारे देश की प्राचीन और महान संस्कृति ने ही सर्वप्रथम "वसुधैव कुटुम्बकम" अर्थात "समस्त विश्व ही एक परिवार है" की अवधारणा पूरे विश्व के समक्ष रखी। यहां विश्व की प्रमुख और उभरती हुई साइंटिफिक पावर, जो कि विश्व के लगभग 85 प्रतिशत साइंटिफिक नॉलेज पर अधिकार रखती है, एक ही स्थान पर मौजूद हैं।हमें वास्तव में लॉन्गटर्म विजन के साथ एक इन्कलूसिव ग्लोबल सांइस एडवाइस सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, जो कि इस जी-20 सीएसएआर की बैठक का एजेण्डा भी है। उन्होेंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि इस जी-20 सीएसएआर के एजेंडे के तहत वन हेल्थ को भी लिया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि निश्चित ही कोरोना काल के बाद यह सिद्ध हो चुका है कि वैश्विक संक्रमण पर बेहतर नियंत्रण तथा आने वाली महामारियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए वन हेल्थ का कॉन्सेप्ट वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वन हेल्थ की यह भावना भविष्य में आने वाली किसी भी समस्या से निपटने में हमारे के लिए एक कवच का कार्य करेगी। आप में से बहुत से विदेशी मेहमान पहली बार देवभूमि उत्तराखंड आए होंगे इसलिए मैं चाहूंगा कि आप अपनी इस यात्रा के दौरान हमारे देश के साथ-साथ हमारे प्रदेश उत्तराखंड को भी जानें और समझें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रदेश बनाना है, जिससे सामान्य लोगों का जीवन और अधिक सहज, सरल और समृद्ध हो सके।

इस मौके पर उत्तराखंड के राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, ब्राजील के उपमंत्री प्रो. मरसिया क्रिस्टिना बरनाड्रेस, उत्तराखंड सरकार के मंत्रीगण, विधायकगण, भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहाकार अजय कुमार सूद, जी-20 देशों के सभी मुख्य वैज्ञानिक सलाहाकार, वैज्ञानिक सलाहाकार एवं प्रमुख वैज्ञानिकगण उपस्थित थे। 


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