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प्रधानमंत्री ने परियोजनाओं को समय से पूरा करने व राज्य सरकारों से समन्वय बनाने पर दिया जोर

Date : 23-Feb-2023

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की ‘प्रगति’ के 41वें संस्करण की अध्यक्षता

बैठक में नौ प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा हुई

नई दिल्ली, 22 फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली में ‘प्रगति’ के 41वें संस्करण की बैठक की अध्यक्षता की। ‘प्रगति’ केंद्र और राज्य सरकारों को शामिल करते हुए प्रो-एक्टिव गवर्नेंस और समय पर कार्यान्वयन के लिए आईसीटी-आधारित मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना बनाने के लिए पीएम गतिशक्ति पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और अन्य मुद्दों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच उचित समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में नौ प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें तीन परियोजनाएं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की, दो परियोजनाएं रेल मंत्रालय की और एक-एक परियोजना विद्युत मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की थीं। इन नौ परियोजनाओं की संचयी लागत 41,500 करोड़ रुपये से अधिक है और ये 13 राज्यों छत्तीसगढ़, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, गुजरात, महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश से संबंधित हैं। बैठक में मिशन अमृत सरोवर की भी समीक्षा की गई।

तचीत के दौरान, प्रधानमंत्री ने 'मिशन अमृत सरोवर' की भी समीक्षा की। उन्होंने ड्रोन के माध्यम से किशनगंज, बिहार और बोटाड, गुजरात में अमृत सरोवर स्थलों के वास्तविक समय का जायजा लिया। प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों को मानसून आने से पहले मिशन मोड में अमृत सरोवर का काम पूरा करने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने योजना के तहत 50 हजार अमृत सरोवर के लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए ब्लॉक स्तर की निगरानी पर जोर दिया।

'मिशन अमृत सरोवर' का अनूठा विचार पूरे देश में जल निकायों के कायाकल्प के लिए काम कर रहा है, जो भविष्य के लिए जल संरक्षण में मदद करेगा। मिशन पूरा होने के बाद, जल धारण क्षमता में अपेक्षित वृद्धि लगभग 50 करोड़ घन मीटर होने जा रही है, अनुमानित कार्बन रोक प्रति वर्ष लगभग 32,000 टन होगी और भूजल फिर से भरने में 22 मिलियन घन मीटर से अधिक की वृद्धि की उम्मीद है। इसके अलावा, सम्पूकर्ण अमृत सरोवर सामुदायिक गतिविधि और भागीदारी के केन्द्र के रूप में विकसित हो रहे हैं, इस प्रकार जन भागीदारी की भावना को बढ़ा रहे हैं। अनेक सामाजिक कार्य जैसे स्वच्छता रैली, जल संरक्षण पर जल शपथ, स्कूली बच्चों की रंगोली प्रतियोगिता, छठ पूजा जैसे धार्मिक उत्सव अमृत सरोवर स्थलों पर आयोजित किए जा रहे हैं।

प्रगति बैठकों के दौरान अब तक 15.82 लाख करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 328 परियोजनाओं की समीक्षा की जा चुकी है।


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