नई दिल्ली, 16 फरवरी। केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने गुरुवार को कहा कि 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से 7 नर और 5 मादा सहित 12 चीतों को भारत लाया जा रहा है।
इन्हें लाने के लिए वायेसना के सी-17 ग्लोबमास्टर ने आज सुबह हिंडन एयरबेस से दक्षिण अफ्रीका के लिए उड़ान भरी है। 18 फरवरी को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कूनो नेशनल पार्क में चीतों को छोड़ा जाएगा।
इस संबंध में दक्षिण अफ्रीका और भारत ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। समझौते के अनुसार, फरवरी 2023 के दौरान 12 चीतों का एक प्रारंभिक जत्था दक्षिण अफ्रीका से भारत लाया जाना है। ये चीते 2022 के दौरान नामीबिया से भारत लाए गए आठ चीतों के साथ शामिल हो जायेंगे।
पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार चीतों की आबादी को बढ़ाना भारत की प्राथमिकता है और इसके संरक्षण के महत्वपूर्ण एवं दूरगामी परिणाम होंगे। इसका लक्ष्य कई पारिस्थितिकी उद्देश्यों को हासिल करना होगा, जिसमें भारत में उनकी ऐतिहासिक सीमा के भीतर चीते की भूमिका को फिर से स्थापित करना और स्थानीय समुदायों की आजीविका संबंधी विकल्पों को बेहतर करना तथा उनकी अर्थव्यवस्थाओं को आगे बढ़ाना शामिल है।
फरवरी में 12 चीतों को लाने के बाद अगले आठ से 10 वर्षों में सालाना 12 चीतों को भारत लाए जाने की योजना है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर भारत से विलुप्त हो चुके जंगली चीतों को कुनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। इन्हें नामीबिया से ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत भारत में लाया गया था।
