पूरे विश्व की आत्मा है भारतः भागवत | The Voice TV

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"जिन्दगी के लक्ष्य में प्राप्ती करते समय सिर्फ 2 सोच रखनी चाहिए, अगर रास्ता मिल गया तो ठीक, नहीं तो रास्ता में खुद बना लूँगा।"

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पूरे विश्व की आत्मा है भारतः भागवत

Date : 27-Nov-2022

 पटना, 26 नवंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शनिवार को बक्सर में कहा कि आत्मा के चले जाने से शरीर मृत पड़ रहता है। आत्मा के रहने से ही शरीर में ऊर्जा और सभी चीजों का बोध होता है। ठीक उसी प्रकार भारत के रहने से सम्पूर्ण विश्व चलता है, क्योंकि भारत पूरे विश्व की आत्मा है।

बक्सर में प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले राम विवाह महोत्सव में डॉ. भागवत ने कहा कि जीव चलते हैं, सृष्टि में उनका विकार होता है, वासनाएं होती हैं, उनके पीछे-पीछे भागते वे रास्ता छोड़ देते हैं। एक अकेला भारत है जो रास्ता नहीं छोड़ता। सम्पूर्ण विश्व को रास्ते पर लाने का काम भारत कर रहा है। धर्म पर चलने से अर्थ-काम-मोक्ष सभी प्राप्त होते हैं। भारत ने शुरुआत से ही अपने धर्म को नहीं छोड़ा है इसलिए यह पूरे जगत को रास्ता दिखाने का काम कर रहा है।

संघ प्रमुख डॉ. भागवत ने कहा कि भक्ति का भाव संत ही प्रदान करते हैं। इसलिए संत सदा प्रणम्य होते हैं। किसी भी व्यक्ति को ऐसे स्थान पर अवश्य आते रहना चाहिए। अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान पर आकर कार्य के लिए आवश्यक ऊर्जा, दृष्टि और मन को शांति मिलती है। संत मामा जी ने अपनी साधना से इस स्थान पर आभामंडल का निर्माण किया है।

उल्लेखनीय है कि राम विवाह महोत्सव का प्रारंभ 1969 में प्रख्यात संत मामाजी ने किया था। इस साल 53वां महोत्सव मनाया जा रहा है। आज यहां फुलवारी का मंचन किया गया। रविवार को राम बारात निकाली जाएगी। सोमवार को राम विवाह होगा। मंगलवार (29 नवंबर) को महोत्सव का समापन हो जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार/गोविन्द


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