मनरेगा की बहाली और वीबी-जी रामजी कानून की वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा : सिद्धारमैया | The Voice TV

Quote :

"जिन्दगी के लक्ष्य में प्राप्ती करते समय सिर्फ 2 सोच रखनी चाहिए, अगर रास्ता मिल गया तो ठीक, नहीं तो रास्ता में खुद बना लूँगा।"

National

मनरेगा की बहाली और वीबी-जी रामजी कानून की वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा : सिद्धारमैया

Date : 13-Jan-2026

 बेंगलुरु, 13 जनवरी । कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बहाल किए जाने और विकसित भारत–रोज़गार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी रामजी) अधिनियम को निरस्त किए जाने तक संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को बेंगलुरु स्थित गायत्री विहार में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) की ओर से आयोजित ‘महात्मा गांधी उद्योग प्रगति योजना बचाओ संग्राम’ की पूर्व-तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन ग्राम स्तर से लेकर राज्य स्तर तक फैलाया जाएगा और इसे उत्तर भारत में किसानों द्वारा कानूनों में बदलाव के लिए किए गए संघर्ष की तरह व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले महीने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की कार्यकारी समिति की बैठक में मनरेगा को समाप्त किए जाने के मुद्दे को गंभीरता से लिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को समाप्त कर वीबी-जी रामजी नाम से नया कानून लागू किया है, क्योंकि केंद्र सरकार को महात्मा गांधी के नाम से एलर्जी है।

सिद्धारमैया ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में मनरेगा को ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार उपलब्ध कराने का एक मौलिक अधिकार बनाया गया था। उस दौर में बेरोजगारी, खाद्य सुरक्षा, सूचना का अधिकार और वनवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए ऐतिहासिक कानून बनाए गए। खाद्य सुरक्षा अधिनियम, रोजगार गारंटी अधिनियम, सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार और वनाधिकार कानून उसी सोच का परिणाम हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले 20 वर्षों से लागू मनरेगा के तहत देशभर में 12.16 करोड़ श्रमिक कार्यरत हैं, जिनमें 6.21 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कोई भी व्यक्ति वर्ष में 365 दिन काम की मांग कर सकता था और उसे अपने ही गांव तथा अपनी ही जमीन पर रोजगार मिलता था।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार ने इस व्यवस्था को बदलने के लिए वीबी-जी रामजी अधिनियम लागू किया है। पहले यदि कानून के तहत काम नहीं मिलता था, तो मजदूर अदालत का दरवाजा खटखटा सकते थे, लेकिन अब केंद्र सरकार अधिसूचना जारी कर यह तय करेगी कि कौन-से क्षेत्र कार्य क्षेत्र होंगे। इसके साथ ही राज्यों पर लागत का 40 प्रतिशत बोझ डाल दिया गया है, जिससे कर्नाटक सरकार को करीब 2500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इन्हीं कारणों से मनरेगा बचाओ आंदोलन शुरू किया गया है और इसे एक व्यापक जन आंदोलन में बदला जाएगा। सिद्धारमैया ने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement