भारत और डेनमार्क रक्षा, सुरक्षा और नई प्रौद्योगिकी सहित नए क्षेत्रों में अपनी साझेदारी बढ़ाने की दिशा में काम करने पर सहमत हुए हैं। विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कल नई दिल्ली में रायसीना संवाद से अलग यात्रा पर आए डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन से मुलाकात की।
इस बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों ने आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। वर्ष 2024 भारत और डेनमार्क के बीच राजनयिक संबंधों के 75वें वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। दोनों मंत्रियों ने एक संयुक्त प्रतीक चिन्ह का अनावरण भी किया।
बैठक में भारत-डेनमार्क हरित रणनीतिक साझेदारी से मिले महत्वपूर्ण परिणामों का उल्लेख किया गया। दोनों देश 2024 में जल्द से जल्द हरित रणनीतिक साझेदारी की मध्यावधि समीक्षा को अंतिम रूप देने पर सहमत हुए। दोनों पक्षों ने हिन्द-प्रशांत महासागर पहल में डेनमार्क के योगदान की संभावनाओं को तलाशने का भी निर्णय लिया।
दोनों देश 2026 में मौजूदा संयुक्त कार्यकारी योजना के समाप्त होने के बाद एक व्यापक हरित रणनीतिक साझेदारी के लिए उन्नत रणनीतिक परिप्रेक्ष्य की दिशा में काम करने पर सहमत हुए। दोनों मंत्रियों ने भारत और डेनमार्क के बीच आव्रजन साझेदारी समझौता पर हस्ताक्षर भी किए। दोनों देशों ने डेनमार्क में रोजगार के लिए भारतीय स्वास्थ्य पेशेवरों की भर्ती पर साझेदारी स्थापित करने की संभावनाओं को तलाशने के भी निर्णय लिए। a
