नई दिल्ली, 29 जनवरी । यूरोपीय संघ की उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष काजा क्लास का कहना है कि भारत के साथ यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पर सहमति की घोषणा, तेजी से अस्थिर हो रही वैश्विक व्यवस्था में स्थायित्व और पूर्वानुमान का एक मजबूत संकेत है।
एस्टोनिया के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत ईयू एफटीए को अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली काजा कलास ने हाल ही में एक संवाद कार्यक्रम में इस समझौते को यूरोप एवं भारत दोनों के लिए लाभकारी बताया है और कहा कि ऐसे समय जब बहुपक्षवाद गंभीर तनाव में है, भारत एवं ईयू के बीच यह समझौता वास्तव में स्थायित्व का संकेत है। उन्होंने कहा, "समझौता जो भी हो, हमें यह जानने की जरूरत है कि यह कैसे प्रभाव डालता है। हमें दृढ़ रहने की आवश्यकता है कि अगले दिन कार्यकारी आदेश द्वारा इसे नहीं बदला जाए।"
कलास ने आर्थिक पहलुओं को राजनीतिक स्थिरता के स्तंभ के रूप में निरूपित करते हुए कहा कि समृद्धि सीधे सामाजिक सामंजस्य को आकार देती है। यदि आपके पास आर्थिक समृद्धि है, तो आपके पास लोगों के लिए भी समृद्धि है, जिससे समाज में कम असंतोष और कम ध्रुवीकरण होता है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर के देशों को एक स्पष्ट विकल्प का सामना करना पड़ रहा है कि वे वैश्विक प्रभाव को कैसे पेश करते हैं। वे भू-राजनीतिक शक्ति या तो एक सैन्य शक्ति के रूप में या एक आर्थिक शक्ति के रूप में अपनी पहचान स्थापित करते हैं।
उन्होंने स्वीकार किया कि यूरोपीय संघ एक प्रमुख सैन्य बल नहीं है, पर यह महत्वपूर्ण आर्थिक प्रभाव डालता है। यह हमारा (ईयू का) मजबूत पक्ष है।
उन्होंने कहा कि स्थिरता और पूर्वानुमान, अधिक देशों को यूरोप के साथ संबंधों को गहरा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। कलास ने अमेरिकी टैरिफ के खतरों की ओर संकेत करते हुए कहा, "अधिक से अधिक देश यूरोप के साथ संबंधों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि हमारे बारे में अनुमान लगाया जा सकता है। ...हमें सौदों पर बातचीत करने में लंबा समय लगता है, लेकिन जब हम ऐसा करते हैं, तो हम उन्हें लागू करते हैं। यही कारण है कि हमारे साथ संबंध जोड़ना महत्वपूर्ण है।"
उन्होंने आगाह किया कि विशेष रूप से टैरिफ और अचानक नीतिगत उलटफेर के बारे में अनिश्चितता निवेश और दीर्घकालिक योजना को हतोत्साहित करती है। उन्होंने कहा, "कंपनियों के लिए, यदि आपके पास टैरिफ के लगातार खतरे हैं, तो आप कभी नहीं जानते कि अगले दिन क्या है। ...जब ऊर्जा की कीमतें बढ़ जाती हैं तो लोग इसे खुद पर महसूस करते हैं।"
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि नेतृत्व की भूमिका शिक्षित करना है।
कलास ने वैश्विक नियम-आधारित प्रणाली की एक धूमिल तस्वीर चित्रित करते हुए कहा कि बहुपक्षवाद "निरंतर तनाव में और भारी दबाव में" है। उन्हाेंने कहा, "हम यह भी देख सकते हैं कि यह अब हट रहा है।" उन्होंने कहा कि ईयू को उन देशों के साथ नई साझीदारी बनानी चाहिए जो समान हितों और मूल्यों को साझा करते हैं।
यूक्रेन में युद्ध के बारे में कलास ने कहा कि यूरोपीय संघ संघर्ष को समाप्त करने के लिए दृढ़ है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी रूस पर है। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी नेतृत्व एक साल पहले ही बिना शर्त संघर्ष विराम के लिए सहमत हो गया था। जबकि रूस अधिकतम की मांग करते हुए इस सौदे के लिए तैयार होने का नाटक करता रहा।
उन्होंने कहा कि रूस उन क्षेत्रों की मांग कर रहा है जो एक दशक से अधिक समय से संघर्ष में सैन्य रूप से कब्जा करने में विफल रहा है। वे उन क्षेत्रों की भी मांग कर रहे हैं जिन्हें उन्होंने 11 वर्षों में सैन्य रूप से नहीं जीता है।
कलास ने कहा,
"शांति प्राप्त करने के लिए, आपको केवल एक बात की आवश्यकता है कि दोनों में से कोई एक इस दिशा में गंभीरता से काम करे।" कलास ने आरोप लगाया कि रूस के अभियान ने नागरिकों को भारी निशाना बनाया है। इस युद्ध में 93 प्रतिशत रूसी लक्ष्य नागरिक ठिकाने रहे हैं। इसके बावजूद रूस युद्ध के मैदान में सार्थक लाभ नहीं उठा पाया है।
साइबर सुरक्षा पर उन्होंने कहा, "हमने साइबर सुरक्षा के बारे में बहुत कुछ सीखा है। बुरे लोग एक साथ काम करते हैं, इसके मुकाबले के लिए अच्छे लोगों को भी एक साथ काम करना चाहिए। "
हाल ही में हस्ताक्षरित सौदों के रुझानों के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने संसाधनों के लिए एक स्रोत पर निर्भरता में विविधता लाने पर जोर दिया। भारत ईयू सुरक्षा एवं प्रतिरक्षा करार के बारे में उन्होंने कहा, "हिन्द-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और यूरोप की सुरक्षा बहुत अधिक परस्पर जुड़ी हुई है।"
