ढाका, 29 जनवरी। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) में बहुचर्चित जहाजबाड़ी हत्याकांड में आज औपचारिक आरोप पत्र दाखिल किया गया। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सहित आठ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप पत्र में कहा गया है कि कानून लागू करने वालों के कथित तौर पर एक फर्जी छापे में नौ लोग मारे गए थे।
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार आईसीटी के अभियोजक गाजी एमएच तमीम ने कहा कि आरोप पत्र में शेख हसीना के अलावा पूर्व गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक एकेएम शाहिदुल हक, पूर्व ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर असदुज्जमां मियां और पुलिस की स्पेशल ब्रांच के पूर्व प्रमुख मोनिरुल इस्लाम शामिल हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार डीएमपी और रैपिड एक्शन बटालियन की अलग-अलग यूनिट के सदस्यों ने 26 जुलाई 2016 को ढाका के कल्याणपुर इलाके में जहाजबाड़ी नाम के एक घर पर छापा मारा था। इस दौरान घर पर मौजूद नौ लोगों को आतंकवादी बताकर मार दिया गया था। जबकि इन लोगों का आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं था। यह भी आरोप लगाया गया कि वे लंबे समय से पुलिस हिरासत में थे और उन्हें करीब से गोली मार दी गई थी।
इस घटना के बाद तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक एकेएम शाहिदुल हक ने घटनास्थल का दौरा कर दावा किया था कि सभी मारे गए लोग प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन नियो-जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (नियो-जेएमबी) के सदस्य थे।
