| इस्राइल और फलस्तीन के आतंकी गुट हमास के बीच युद्ध का आज 11वां दिन है। हमास ने इस महीने की सात तारीख से इस्राइल पर हमले शुरू किए थे। हमास द्वारा रॉकेट से हमले जारी रहने पर इस्राइल गजा में हवाई हमले कर रहा है। इस्राइल और लेबनान सीमा के पास भी तनाव बढ रहा है। फलस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार गजा में दो हजार सात सौ 78 लोग मारे गए हैं और नौ हजार सात सौ घायल हुए हैं। एक हजार चार सौ से अधिक इस्राइली भी मारे गए हैं। दोनों ओर मरने वालों की संख्या लगभग चार हजार दो सौ हो गई है। गजा में हवाई हमले, रसायन आपूर्ति कम होने तथा इस्राइल द्वारा उत्तरी गजा पट्टी से लोगों को निकलने के आदेश के कारण उथल-पुथल मच गई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दस लाख से अधिक फलस्तीनियों ने घर छोड दिया है। दूसरी ओर अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन कल इस्राइल जाएंगे। अमरीकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने तल अवीव में इसकी घोषणा की। इस्राइल के प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में श्री ब्लिंकन ने कहा कि इस्राइल ने आर्थिक रूप से कमजोर पडी गजा पट्टी में विदेशी सहायता पहुंचाने की दिशा में कार्य करने के बारे में अमरीका को आश्वासन दिया है। इस्राइल, हमास द्वारा शासित गजा पट्टी में जमीनी सैन्य कार्रवाई की योजना में हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैंक्रों ने भी जल्द इस्राइल जाने की घोषणा की। यूरोपीय संघ के नेता आज आपात बैठक कर सकते हैं। यह बैठक पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण यूरोप में अंतर-सामुदायिक तनाव बढने की चिंता के मद्देनजर बुलाई गई है। इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस गजा में मानवीय आपदा को रोकने में मदद करना चाहता है। श्री पुतिन ने फलस्तीन और इस्राइली संघर्ष समाप्त करने तथा राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने की दिशा में काम करने की इच्छा व्यक्त की है। |
