22 अगस्त विशेष : कजरी तीज | The Voice TV

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22 अगस्त विशेष : कजरी तीज

Date : 22-Aug-2024

सावन और भादो महीने में तीजों का पर्व आता है। हिंदू धर्म में हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज धूमधाम से मनाई जाती हैं। कजरी तीज से पहले हरियाली तीज आती है। हरियाली तीज से 15 दिनों के बाद कजरी तीज मनाई जाती है।  

कजरी तीज के दिन व्रती महिलाएं स्नान आदि करने के बाद इस दिन श्री विष्णु की पूजा की जाती है। मान्यताओं में इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के भवानी स्वरूप की भी पूजा की जाती है। माता गौरी और भगवान शिव की मूर्ति को एक चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाकर स्थापित किया जाता है। इसके बाद शिव परिवार की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। माता गौरी को सुहान की सभी वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। भगवान शिव को बेल पत्र, गाय का दूध, गंगा जल, धतूरा, भांग आदि चढ़ाया जाता है। फिर धूप और दीप आदि जलाकर आरती करती हैं और शिव-गौरी की कथा सुनने का विधान इस दिन महिलाएं अपने सुहाग के लिए व्रत करती हैं, जबकि कन्याएं मनाचाहा वर पाने के लिए कजरी तीज के दिन उपवास रखती हैं। कजरी तीजे के दिन सारे दिन व्रत रहकर कर शाम को चंद्रोदय होने पर ही इस व्रत का पारण किया जाता है। है। इस दिन गाय की पूजा करना अति शुभ माना गया है। कई जगहों पर महिलाएं गाय को रोटी व गुड़ चना खिलाकर व्रत पारण करती हैं। इस व्रत में जौ, गेहूं, चने और चावल के सत्तू में घी और मेवा मिलाकर तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं।
 

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