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दामोदर गणेश बापट : प्राचीन परंपराओं और आधुनिक गणितीय अवधारणाओं को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

Date : 17-Aug-2024

 प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित दामोदर गणेश बापट, जिन्होंने अपना जीवन कुष्ठ रोगियों के उपचार और सेवा के लिए समर्पित कर दिया |

आपको बता दे की वे एक प्रमुख भारतीय गणितज्ञ भी थे, जो 19वीं शताब्दी के अंत और 20वीं शताब्दी की शुरुआत में गणित के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने भारतीय गणित की प्राचीन परंपराओं और आधुनिक गणितीय अवधारणाओं को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका काम गणित के विभिन्न क्षेत्रों में फैलता है, और उन्हें भारतीय गणित के विकास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति माना जाता है|

"बापट ने पिछले साढ़े चार दशक से छत्तीसगढ़ राज्य के जांजगीर-चांपा जिले के सोठी गांव में भारतीय कुष्ठ निवारक संघ (बीकेएनएस) द्वारा संचालित आश्रम में कुष्ठ रोगियों के उपचार और सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। महाराष्ट्र के अमरावती जिले में जन्मे बापट अपने पिता के निधन के बाद 1970 में छत्तीसगढ़ के जशपुर (अब एक जिला) चले गए और आरएसएस से संबद्ध वनवासी कल्याण आश्रम से जुड़ गए।

1972 में चांपा में बीकेएनएस के माध्यम से कुष्ठ रोग के क्षेत्र में डॉ. सदाशिव कात्रे के काम से प्रभावित होकर बापट बाल कल्याण आश्रम में शामिल हो गए और तब से वे इसके साथ काम कर रहे हैं।
बापट को 2018 में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।

खास बात यह है की बापट ने अपना शरीर दान कर दिया था, इसलिए मरने उपरांत उनके पार्थिव शरीर को बाद में छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सीआईएमएस), बिलासपुर को सौंप दिया गया।

श्री बापट ने जीवन भर कुष्ठ रोगियों की सेवा करके अनुकरणीय कार्य किया है, जो दूसरों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।"




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