25 जुलाई विशेष :- प्रसिद्ध संगीतकार सुधीर फड़के | The Voice TV

Quote :

"मेहनत का कोई विकल्प नहीं, बस मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ते रहो।"

Editor's Choice

25 जुलाई विशेष :- प्रसिद्ध संगीतकार सुधीर फड़के

Date : 25-Jul-2024
सुधीर फड़के एक ऐसे गायक व् संगीतकार थे जिन्होंने मराठी संगीत से आरम्भ किया और हिंदी संगीत में भी खूब नाम कमाया हिंदी संगीत में उन्होंने लता मंगेशकर, ललिता देउलकर, वसंतराव देशपांडे , राम फाटक , उषा अत्रे के साथ कार्य किया । 56 गाने स्वयं सुधीर फड़के की अपनी आवाज़ में भी रिकॉर्ड किए गए थे। उन्हें पाँच दशकों तक मराठी फ़िल्म उद्योग और मराठी सुगम संगीत का प्रतीक माना जाता था।
सुधीर फडके जी ने अपनी प्रारंभिक संगीत कि शिक्षा छोटी उम्र में ही उन्होंने प्रतिष्ठित शास्त्रीय गायक पंडित वामनराव पाध्ये के शिष्य के रूप में भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था। बाद में, उन्होंने महाराष्ट्र संगीत विद्यालय में प्रशिक्षण लिया, जो निर्देशक और अभिनेता बाबूराव गोखले द्वारा संचालित एक संस्थान था, और गायक और मंच अभिनेता बाल गंधर्व, हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका हीराबाई बरोडेकर और गायक और अभिनेता के एल सहगल के अधीन था। चूँकि घर में आर्थिक तंगी के कारण वे इंजीनियरिंग में औपचारिक उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाए, इसलिए उन्होंने संगीत में अपना करियर चुना।
अपने जीवन के अंतिम दिनों में, सुधीर फड़के जी भारतीय स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के जीवन पर एक हिंदी फिल्म के निर्माण में शामिल थे । फिल्म वीर सावरकर को सार्वजनिक दान से वित्त पोषित किया गया था। वह गोवा स्वतंत्रता आंदोलन और भारत की स्वतंत्रता के बाद की लड़ाई में भी सक्रिय रूप से शामिल थे।  फड़के 60 से अधिक वर्षों तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे । वह संयुक्त राज्य अमेरिका में इंडिया हेरिटेज फाउंडेशन के मुख्य प्रेरणा और संस्थापक सदस्य थे । 
 
 
प्रसिद्ध गीत:-
सुधीर फडके जी ने कई रचनाये कि हैं और हिंदी एवं मराठी में कई गीत गाए हैं जो अत्यंत प्रसिद्ध हुए हैं , उनका गया हुआ एक गीत पहली तारीख आज भी आल इंडिया रेडियो में बजाया जाता हैं साथ ही साहित्यकार गजानन दिगंबर माडगूल कर द्वारा लिखित 56 गीतों की रचना और गायन ' गीत रामायण ' । गीत रामायण, गीतों का संग्रह कालानु क्रमिक क्रम में रामायण के भारतीय महाकाव्य का सारांश है। सुधीर फड़के द्वारा गीत रामायण का पहला प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो पुणे द्वारा शुक्रवार 1 अप्रैल 1955 को राम नवमी (भगवान राम के जन्म का उत्सव) के दिन किया गया था।
 
 
 
संगीतकार के रूप में :-
ज्योति कलश छलके , लता मंगेशकर द्वारा गाया गया राग देशकर पर आधारित एक गीत हैं |
किशोर कुमार द्वारा गाया गया "पहली तारीख" गीत आज भी हर महीने की पहली तारीख को रेडियो सीलोन-श्रीलंका ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन पर बजाया जाता है।
मराठा स्फूर्ति गीत मराठा लाइट इन्फैंट्री का रेजिमेंटल गीत है, जिसे सुधीर फड़के ने मिलिट्री बैंड के लिए संगीतबद्ध किया था। गीत जीडी माडगुलकर द्वारा लिखे गए थे ।
चाहिए आशीष माधव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री एम.एस. गोलवलकर को श्रद्धांजलि।
फड़के की अन्य प्रमुख रचनाओं में शामिल हैं: आशी पखारे यति, देव देवहर्यत नाही, दाव मांडु मांडु मोडु नाको, विकट घेटला श्याम, तुझे गीत गण्यसती सुर लाभु दे, तोच चंद्रमा नभात।
 
पुरस्कार:-
 
सुधीर फडके ने कई गीत गाये जिसके लिए उन्होंने  कई  पुरस्कार प्राप्त किये थे | उन्हें वर्ष 1963 में प्रथम पुरस्कार राष्ट्रपति पदक, फिल्म मराठी “हा माझा मार्ग एकला”ने राष्ट्रपति का के लिए दिया गया था |
 
वर्ष1998 मेंदीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार, 2001 में लता मंगेशकर पुरस्कार ,अल्फ़ा लाइफ ऑनर्स अवार्ड एवंवर्ष 2002 मेंसुधीर फडके को “सह्याद्रि स्वररत्न पुरस्कार” मिला था |

RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement