जयपुर, 11 जून । भारतीय सेना में ‘नाथुला टाइगर’ के नाम से विख्यात कर्नल बिशन सिंह राठौड़ का रविवार सुबह यहां निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे। उनका अंतिम संस्कार सोमवार सुबह ग्यारह बजे सीकर रोड स्थित मोक्षधाम में पूरे सैन्य सम्मान से किया जाएगा।
कर्नल राठौड़ कुछ दिनों से बीमार थे। एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। रविवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी शवयात्रा सोमवार सुबह दस बजे उनके निवास स्थान डी-2, शैतान विहार, विद्याधर नगर, सेक्टर-1 से रवाना होकर सीकर रोड मोक्षधाम पहुंचेगी। उनके परिवार में दो पुत्र, पुत्रवधू और दो पौत्र हैं। उनकी पत्नी जतन कंवर का गत वर्ष निधन हो गया था।
बिशन सिंह का जन्म 10 नवम्बर 1938 को नागौर जिले की नावां तहसील के भगवानपुरा गांव में हुआ। पिलानी के बिरला साइंस कॉलेज से स्नातक करने के बाद 1961 में वे सेना में भर्ती हुए। उन्होंने 1967 के भारत- चीन युद्ध में नाथुला में सेना की टुकड़ी की कमान संभाली। युद्ध के दौरान हाथ में गोली लगने से वह घायल हो गए पर उनकी टुकड़ी के अदम्य साहस से चीन की सेना को वापस लौटना पड़ा। इसीलिए बिशन सिंह को 'नाथुला टाइगर' के नाम से जाना जाता है। युद्ध में वीरता के लिए उन्हें सेना मेडल से नवाजा गया।
कर्नल बिशन सिंह वर्ष 1990 में सेना से रिटायर हुए। फिल्म निर्देशक जे पी दत्ता ने वर्ष 2018 में कर्नल बिशन सिंह राठौड़ के जीवन पर आधारित फिल्म पलटन बनाई थी। फिल्म में सोनू सूद ने बिशन सिंह का किरदार अदा किया था। कर्नल राठौड़ पिछले कुछ वर्षोँ से लेखन कार्य कर रहे थे। उनकी रचित एक किताब 'ट्रांसकेंडिंग सोरो एंड सफरिंग' प्रकाशित हो चुकी है। उनकी नई किताब माइंडफुलनेस ऑफ डिवाइन इनसाइट कुछ ही दिनों में प्रकाशित होने वाली है।
