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चक्रवाती तूफान: भारत-पाकिस्तान के बीच के क्षेत्र की ओर बिपरजोय का रुख, जखौ बंदरगाह पर बढ़ा खतरा

Date : 10-Jun-2023

 अहमदाबाद, 10 जून । अरब सागर में बिपरजोय चक्रवाती तूफान को लेकर गुजरात के समुद्र तटीय क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। समुद्री किनारे के सभी जिलों के प्रशासन को मुस्तैद किया गया है। फिलहाल बिपरजोय चक्रवात पोरबंदर से करीब 600 किलोमीटर दूर है और 9 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इसकी दिशा पाकिस्तान और गुजरात के बीच है। गुजरात के कच्छ जिले के जखौ बंदरगाह की ओर इसकी दिशा है। समुद्र में हेलिकॉप्टर से निगरानी के साथ मॉकड्रिल भी किया गया। प्रशासन ने कोस्ट गार्ड बोट के जरिए समुद्र में एनाउंसमेंट करवाया है। इसके जरिए सभी मछुआरों को समुद्र से लौटने की अपील की गई है।

चक्रवाती तूफान बिपरजोय गुजरात और पाकिस्तान की ओर बढ़ रहा है। लेकिन, यह कच्छ जिले के जखौ बंदरगाह की ओर फैलता दिखाई दे रहा है। इस वजह से खतरे की आशंका को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। आगामी 24 घंटे में तूफान के लैंडफॉल की दिशा का पता चलेगा। इसके कारण कच्छ और सौराष्ट्र में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है। 36 घंटे में तूफान अधिक असरदार होगा। गुजरात में दो दिनों में हवा की गति भी तेज होगी। तूफान की वजह से आगामी 3 दिनों तक 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा बहने की आशंका है। जाफराबाद के समीप समुद्री लहरें 15 फीट की ऊंचाई तक जा रही हैं। जामनगर में तेज हवा के साथ बारिश हुई। भावनगर, अमरेली, जामनगर, मांगरोल, पोरबंदर, ऊना, वलसाड, नवसारी, सूरत, दमन और द्वारका के समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें देखी गईं।

मौसम विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक बिपरजोय तूफान अभी दक्षिण पश्चिम पोरबंदर से 600 किलोमीटर दूर है। धीरे-धीरे वह नजदीक आता जा रहा है। चक्रवाती तूफान का मार्ग बारंबार बदलने से प्रशासन के लिए चिंता बनी हुई है। तूफान के जखौ की ओर फैलने का अंदेशा बना हुआ है। गुजरात में आगामी 3-4 दिनों के दौरान बिपरजोय चक्रवाती तूफान के खतरों को लेकर प्रशासन अलर्ट है। शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में समुद्री किनारे स्थित सभी 13 जिलों के अधिकारियों के साथ कॉन्फ्रेंसिंग की गई।

समुद्र तटों पर आवाजाही रोकी, गिरनार रोपवे बंद

सूरत के डूमस और सुवाली तट पर 13 जून तक पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। यहां पुलिस का पहरा बिठा दिया गया है। वलसाड के तिथल तट पर भी 14 जून तक लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। कच्छ के मांडवी तट को 9 जून से 12 जून तक बंद कर दिया गया है। गिरनार रोपवे को भी बंद कर दिया गया है। गिरनार पर्वत पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा बह रही है। एनडीआरएफ की दो टीम पोरबंदर और गिर-सोमनाथ और वलसाड के लिए रवाना कर दी गई है। समुद्र किनारे के लोगों को चेतावनी जारी कर बताया गया है कि 13 जून को 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा बहेगी।


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