जयपुर, 7 अप्रैल उदयपुर में धार्मिक झंडे लगाने के लिए जिला प्रशासन की इजाजत लेने की बाध्यता की केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कड़ी आलोचना की है। सूबे की गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हिंदुओं को टारगेट करना कांग्रेस की परमानेंट पॉलिटिकल पॉलिसी है। ये भगवा ध्वज के विरोधी हैं।
शेखावत ने कहा कि अब उदयपुर में धार्मिक ध्वज लगाने के लिए प्रशासन से आज्ञा लेनी होगी। क्रोनोलॉजी समझिए कि बागेश्वर धाम की धर्मसभा के बाद यह निषेधाज्ञा जारी हुई है, यानी विशेष तौर पर यह आदेश भगवा ध्वजों के लिए है। हिंदुओं को टारगेट करना कांग्रेस की परमानेंट पॉलिटिकल पॉलिसी है। ये भगवा ध्वज के विरोधी हैं।
गहलोत के वादों पर अब किसी को भरोसा नहीं रहा
भर्ती परीक्षा शुल्क में छूट का आदेश जारी नहीं होने पर केंद्रीय मंत्री शेखावत ने तंज कसते हुए कहा कि गहलोत के वादों पर अब किसी को भरोसा नहीं रहा। कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष कह रहे हैं कि भर्ती परीक्षाओं को नि:शुल्क करने को लेकर राज्य सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं है। मतलब सरकार ने शुल्क में छूट के बहाने से भर्तियां लटकाने का नया तरीका ढूंढ लिया है कि निर्देश ही न भेजो, प्रक्रिया स्वतः अटक जाएगी।
