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यूरोपीय संघ ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारत के साथ साझेदारी में दिखाई रुचि

Date : 16-Mar-2023

नई दिल्ली, 15 मार्च (हि.स.)। श्री गुरुगोविंद सिंह त्रिशताब्दी (एसजीटी) विश्वविद्यालय, गुरुग्राम में बुधवार को आयोजित संवाद कार्यक्रम में यूरोपियन यूनियन ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारत के साथ साझेदारी में रुचि दिखाई है।

एसजीटी विश्वविद्यालय, गुरुग्राम ने यूरोपीय संघ (ईयू) और इसके सदस्य देशों फ्रांस, जर्मनी, हंगरी, स्विट्जरलैंड और स्वीडन के प्रतिनिधियों को "यूरोपीय अनुसंधान और उच्च शिक्षा दिवस" के अवसर पर आमंत्रित किया। इसका उद्देश्य फैकल्टी सदस्यों, शोधकर्ताओं और हायर एजुकेशन छात्रों को अनुसंधान-ट्रैक के प्रति संवेदनशील बनाने के बारे में जानकारी देना था। कार्यक्रम का आयोजन एसजीटी विश्वविद्यालय में विदेशी मामलों के विभाग द्वारा डॉ. रजनीश वाधवा के निर्देशन में द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में यूरोपीय संघ के अनुसंधान और नवाचार महानिदेशालय, एएसआईएएन, पियरिक फिलोन-अशिदा, भारत में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल में अनुसंधान और नवाचार के सलाहकार विवेक वी. धाम, डॉ. सम्राट एस कुमार, संजीव रॉय, हिल्डा फ़ार्कस, एरिक फ़ॉसबर्ग, अदिति गोसाव, श्रीनी कावेरी, आयमेरिक वो क्वांग और इंद्रनील घोष ने शिरकत की। पियरिक फिलोन-अशिदा ने श्रोताओं को यूरोपीय संघ के मूल्यों, उद्देश्यों और मिशन के बारे में जानकारी दी और यूरोप, भारत एवं एसजीटी विश्वविद्यालय के बीच दीर्घकालिक अनुसंधान संबंधों को बढ़ावा देने के बारे में बताया।

विवेक वी. धाम ने मौजूद सभी लोगों को होराइजन यूरोप के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, जो अनुसंधान और नवाचार के लिए यूरोपीय संघ का प्रमुख वित्त पोषण कार्यक्रम है, उससे होराइजन यूरोप, भारत सरकार के कार्यक्रम के विवरण के साथ-साथ भारत-आधारित शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों को सहयोग करते समय लाभ मिल सकता है।

कार्यक्रम के अंत में प्रत्येक देश के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों में उपलब्ध विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और अनुसंधान के अवसरों के बारे में जानकारी सांझा की। छात्रों ने हंगरी में छात्रवृत्ति, स्वीडन में एसटीआईएनटी कार्यक्रम, इरास्मस मुंडस संयुक्त मास्टर कार्यक्रम के साथ साथ बहुत कुछ सीखा।


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