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पाकिस्तानी अखबारों सेः कॉप-27 में प्रभावित देशों के लिए फंड बनाने के फैसले को प्रमुखता

Date : 21-Nov-2022

- इमरान की सरकार को ललकार और नवाज पर तस्नीम हैदर के आरोपों को भी महत्व

नई दिल्ली, 21 नवंबर (हि.स.)। पाकिस्तान से सोमवार को प्रकाशित अधिकांश समाचारपत्रों ने जलवायु परिवर्तन से प्रभावित विकासशील देशों की मदद के लिए फंड स्थापित किए जाने की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित की हैं। अखबारों ने बताया है कि शर्म-अलशेख में आयोजित कॉप-27 समिट में 2 हफ्ते तक चली बहस के बाद ‘डैमेज एण्ड लॉस फंड’ फैसला लिया गया है। प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने प्रभावित देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन फंड स्थापित करने और मुआवजा दिए जाने पर सहमति होने का स्वागत किया है।

अखबारों ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि मुझे कोई समस्या नहीं, जिसे मर्जी सेना अध्यक्ष बनाएं। 26 नवंबर को एक सरपराइज दूंगा। उनका कहना है कि मैं इनसे आगे की प्लानिंग कर रहा हूं। वह दोनों तरफ से फंस चुके हैं। इलेक्शन करवाते हैं तो हार जाएंगे, नहीं करवाएंगे तो देश के दिवालिया होने का खतरा है। चुनाव ही देश की समस्याओं का हल हो। जख्मी टांग के साथ मार्च का नेतृत्व करुंगा।

अखबारों में कतर में फुटबॉल वर्ल्ड कप के रंगारंग उद्घाटन की खबरें छपी हैं। अखबारों ने बताया है कि कतर की गलियों में ईद जैसा माहौल है। अखबारों ने केंद्रीय योजना मंत्री एहसन इकबाल का एक बयान छापा जिसमें उन्होंने कहा है कि देश के डिफाल्ट होने की खबरों में सच्चाई नहीं है। सऊदी अरब से सीपैड जैसी मदद चाहते हैं।

अखबारों ने गृहमंत्री राना सनाउल्लाह के इमरान खान की जान को दुश्मन देशों की एजेंसियों से खतरा होने वाले बयान को भी प्रकाशित किया है। उनका कहना है कि इमरान पहले ही देश की सुरक्षा एजेंसियों पर आरोप लगा चुके हैं। ऐसे में दुश्मन देश फायदा उठा सकते हैं।

अखबारों ने लंदन स्थित मुस्लिम लीग नवाज के प्रवक्ता तस्लीम हैदर शाह का एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि इमरान खान पर हमला और पत्रकार अरशद शरीफ के कत्ल में नवाज शरीफ शामिल हैं। अखबारों ने पूर्व गृह मंत्री शेख रशीद का एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा कि हुकूमत की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। यह हफ्ता निर्णायक होगा।

अखबारों ने पाकिस्तान के जरिए अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था बहाल किए जाने की अपील की खबरें भी दी हैं। अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को तत्काल 4 अरब 20 करोड़ डॉलर की रकम अफगानिस्तान को उपलब्ध करवानी चाहिए। यह सभी खबरें रोजनामा पाकिस्तान, रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा खबरें, रोजनामा दुनिया, रोजनामा एक्सप्रेस, रोजनामा जंग और रोजनामा औसाफ आदि ने पहले पन्ने पर प्रकाशित की है।

रोजनामा नवाएवक्त ने जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा एक युवक को मुठभेड़ में मार गिराए जाने की खबर दी है। इस दौरान जिला इस्लामाबाद में आने जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया था और इंटरनेट सर्विस भी प्रभावित थीं। अखबार ने बताया कि तीन युवकों को गिरफ्तार भी किया गया है।

रोजनामा खबरें में पाकिस्तान-अफ़गानिस्तान सरहद बाब-ए-दोस्ती को एक हफ्ते के बाद खोल दिए जाने की खबर छपी है। अखबार ने बताया कि बॉर्डर पर फायरिंग की घटना के बाद इसे बंद कर दिया गया था जिसमें पाकिस्तान का एक सैनिक मारा गया था और 2 जख्मी हुए थे। अखबार ने बताया कि दोनों देशों के सुरक्षाकर्मियों को बॉर्डर के दोनों तरफ 30 फिट तक हथियार नहीं रखने का फैसला लिया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार/ एम ओवैस


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