प्रवर्तन निदेशालय ने ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मामले में धन शोधन निरोधक अधिनियम के तहत लगभग नौ करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। निदेशालय ने कहा कि कुर्क की गई संपत्तियों में 10 अचल संपत्ति और पांच बैंक खाते शामिल हैं। ये मुख्य षड्यंत्रकारी लोकेश वर्मा सहित अन्य आरोपियों के हैं।
एजेंसी ने कहा है कि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप जैसे धनगेम्स और अन्य सट्टा मटका ऐप मध्य प्रदेश, कर्नाटक और देश के अन्य हिस्सों में आम लोगों को लुभाने के लिए संचालित किए जा रहे थे। ऐप उपयोगकर्ताओं को मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण करने और यूपीआई के जरिए धनगेम्स वॉलेट में पैसे ट्रांसफर करने और सट्टेबाजी में शामिल होने की अनुमति देता है। अवैध धन को फर्जी बैंक खातों के माध्यम से संचालित किया जाता है। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि आरोपियों ने इन सट्टेबाजी गतिविधियों से लगभग 25 करोड़ रुपये कमाए थे। एजेंसी ने मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर और दायर आरोप पत्र के आधार पर जांच शुरू की थी।
