कोलकाता, 13 जनवरी । पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में तीन साधुओं पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने का एक वीडियो सामने आया है। इस पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाया। इस बीच, तृणमूल ने भाजपा पर घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने का आरोप लगाया। वीडियो की प्रामाणिकता का ‘‘हिन्दुस्थान समाचार’’ की ओर से स्वतंत्र रूप से सत्यापन नहीं किया जा सका है। इस वीडियो में गंगासागर मेले के लिए जा रहे साधुओं के साथ पुरुलिया के काशीपुर में लोगों के एक समूह द्वारा धक्का-मुक्की करते देखा जा सकता है।
पुरुलिया पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह घटना गलतफहमी के कारण हुई। उसने कहा, ‘‘पुरुलिया में हाल की एक घटना के बारे में कुछ हलकों से तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। तथ्य यह है कि 11.01.24 की दोपहर को काशीपुर के पास तीन स्थानीय नाबालिग लड़कियों के साथ गंगासागर जाने वाले तीन साधुओं के बीच भाषा की दिक्कत के चलते गलतफहमी हो गई थी।’’
उसने कहा, ‘‘लड़कियां डर गईं और स्थानीय लोगों ने साधुओं के साथ मारपीट की, उनके वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया और अपहरण के प्रयास का आरोप लगाया। स्थानीय पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और साधुओं को बचाया।''
पुलिस ने कहा कि इस संबंध में एक विशेष मामले के आधार पर 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उसने कहा, ‘‘साधुओं को हर संभव सहायता प्रदान की गई। घटना के संबंध में किसी भी तरह का सांप्रदायिक रंग नहीं है। सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति से कानून के मुताबिक सख्ती से निपटा जाएगा।''
पुरुलिया पुलिस की पोस्ट को तृणमूल मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा भी प्रसारित किया गया।
