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सारा खेल मतदान प्रतिशत से शुरू होकर वोट प्रतिशत पर ख़त्म होता है

Date : 21-Nov-2023

जीवन में प्रतिशत का अपना महत्व है | छात्रों के जीवन में अंकों का प्रतिशत गुणवत्ता में शुद्धता का प्रतिशत और बाजार के उत्पादों में मिलने वाले डिस्काउंट का प्रतिशत | वेतन भोगी के जीवन में वेतन बढने का प्रतिशत | कोई भी घटना होगी या नहीं होगी इसको भी व्यक्ति प्रतिशत में ही सोचता है |

राजनीति एवं राजनीतिक दल के हर फैसले में प्रतिशत अपनी भूमिका निभाती है | टिकट देते समय उस विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवार के जाति का प्रतिशत |  विधानसभा के कुल  सीटों में जातिगत समुदायों के प्रतिशत |

शब्द " प्रतिशत " लैटिन शब्द "परसेंटम" से बना है जिसका अर्थ है "सौ से"| इसे अक्सर चिह्न % या प्रतिशत या  द्वारा दर्शाया जाता है। प्रतिशत चिह्न (%) का आविष्कार 15वीं शताब्दी में इतालवी गणितज्ञ लुका पैसिओली द्वारा किया गया था। यह प्रतीक इटालियन परसेंटो को संक्षिप्त करने वाले प्रतीक से विकसित हुआ है, जिसका अर्थ है "सौ के लिए"।

छत्तीसगढ़ प्रदेश में अपना पहला विधानसभा चुनाव वर्ष 2003 में हुआ | प्रदेश में भाजपा कांग्रेस और बसपा की भूमिका शुरू से रही परन्तु अलग-अलग समय पर कुछ राजनीतिक पार्टियों ने भी चुनावों के समीकरण को बदलने में अहम भूमिका निभाई है | इसमें  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) जो प्रदेश में स्व. विद्याचरण शुक्ला के नेतृत्व में चुनाव लडे थे और कांग्रेस पार्टी के हार का मुख्य कारण बने |

इसी प्रकार से 2018 में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) ने कांग्रेस के परम्परागत वोटों में सेंध लगाई और सतनामी, आदिवासी एवं पिछड़ा वर्ग के वोटों में भाजपा की भी  पकड़ को  ढ़ीली की |  जेसीसी ने इस विधानसभा चुनाव में 5 सीटें जीती | एक नवोदित पार्टी के लिए यह एक सराहनीय प्रदर्शन था |

वर्ष 2018 के चुनावों में भाजपा इनकम्बेंसी का शिकार हुई जिसके चलते उसे बहुत बड़ी हार का सामना करना पड़ा  और पहली बार भाजपा के वोट प्रतिशत में एक बड़ी गिरावट आई |

बहुजन समाज पार्टी के पिछले चार विधानसभा चुनाव के वोट प्रतिशत में लगभग एक स्थिरता देखी जा सकती है |

2023 के चुनावों में लगभग हर विधानसभा क्षेत्र में एक काटें की टक्कर है | क्षेत्रीय दल और निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी |

छत्तीसगढ़ के शुरूआती तीन विधानसभा चुनावों में हार जीत का अंतर1% के आस-पास घूमता रहा | पिछले 2018 के विधानसभा चुनाव में हार जीत का अंतर10 % हो गया है |   

क्या इस बार कांग्रेस के साथ इनकम्बेंसी का कारक रहेगा ? अगर ऐसा हुआ तो, पार्टी कोई भी जीते, हार-जीत के अंतर का  प्रतिशत पुन: 1% या उसके आसपास घूमता रहेगा |

सभी राजनीतिक दल हमेशा की तरह जीतने का दावा कर रहे हैं, परन्तु यह 3 दिसंबर को ही पता चलेगा कि छत्तीसगढ़ की जनता किसकी सरकार चाहती है | सारा खेल मतदान प्रतिशत से शुरू होकर वोट प्रतिशत पर ख़त्म होगा |  


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