चेन्नई, 26 जनवरी । तमिलनाडु में संभावित विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दल जोर-शोर से मैदान में उतर चुके हैं। प्रचार अभियान, जनसभाएं, गठबंधन की बातचीत, सीटों का बंटवारा, कल्याणकारी योजनाओं की घोषणाएं और पार्टी पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठकें इस समय राजनीतिक दलों की प्राथमिकता बनी हुई हैं।
इसी क्रम में आज तंजावुर जिले के सेंगीपट्टी में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) की महिला विंग द्वारा डेल्टा क्षेत्र का एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन की अध्यक्षता द्रमुक की उप महासचिव एवं सांसद कनिमोझी कर रही हैं। पार्टी के अनुसार, इस कार्यक्रम में लगभग 1 लाख 50 हजार महिलाएं भाग लेंगी, जो इसे महिला सहभागिता के लिहाज से एक बड़ा राजनीतिक आयोजन बनाता है।
द्रमुक अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन भी इस सम्मेलन में शामिल होकर महिलाओं को विशेष संबोधन देंगे। माना जा रहा है कि अपने भाषण में मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय, राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और आगामी चुनावी रणनीति से जुड़े संदेश दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री के तंजावुर दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। सम्मेलन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में 5 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, सुरक्षा कारणों से आज सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक तंजावुर जिले में ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सम्मेलन न केवल महिला मतदाताओं को साधने की रणनीति का हिस्सा है, बल्कि डेल्टा क्षेत्र में द्रमुक की पकड़ को और मजबूत करने का प्रयास भी है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के बड़े आयोजन राज्य की राजनीति में नई ऊर्जा और दिशा तय कर सकते हैं।
