छत्तीसगढ़ में 2018 का विधानसभा चुनाव बाकियों से अलग था। 2000 में मध्य प्रदेश से अलग होकर बने राज्य के चुनावों में तब तक सिर्फ दो प्रमुख पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला हुआ था | लेकिन 2018 में नवोदित राज्य की पहली महत्वपूर्ण क्षेत्रीय पार्टी का जन्म हुआ; जनता छत्तीसगढ़ कांग्रेस (जोगी) का नेतृत्व राज्य के पहले भुतपूर्व मुख्यमंत्री स्व.अजीत जोगी ने किया । कांग्रेस का प्रभावशाली प्रदर्शन, जहां वह 90 में से 68 सीटों के साथ सत्ता में आई, इसका मतलब था कि जेसीसी(जे) का प्रदर्शन बहुत कम था, लेकिन नई पार्टी ने सराहनीय प्रदर्शन किया; 5 सीटें और 7.6 प्रतिशत वोट जीतना। पांच साल बाद, अंतरिम तौर पर जब पार्टी के संरक्षक अजीत जोगी का निधन हो गया है और कई विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है, उस सात प्रतिशत पर अब कांग्रेस और भाजपा दोनों की नजर है, और करीबी लड़ाई में अंतर साबित हो सकता है।
इस बार के विधानसभा चुनाव में जेसीसी(जे) ने 90 विधान सभा सीट में से 85 सीटो में अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे है | विशेष रूप से हम कुछ ऐसे सीटो पर बात करेंगे जहां त्रिकोणी मुकाबला देखने को मिल सकता है जिसका खामियाजा कही ना कही कांग्रेस को भुगतना पढ़ सकता है |
विधानसभा क्षेत्र जहां देखने को मिल सकते है त्रिकोणीय मुकाबला –
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क्र. |
विधानसभा क्षेत्र |
कांग्रेस |
भाजपा |
जकांछ |
आप |
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1 |
कोटा |
अटल श्रीवास्तव |
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव |
डॉ. रेणु जोगी |
पंकज जेम्स |
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2 |
मस्तुरी (अजा) |
दिलीप लहरिया |
डॉ. कृष्णमूर्ति बंदी |
श्रीमती चांदनी भारद्वाज |
धरम दास भार्गव |
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3 |
अकलतरा |
राघवेन्द्र सिंह |
सौरभ सिंह |
डॉ. ऋचा जोगी |
आनंद प्रकाश मिरी |
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4 |
रायपुर नगर (दक्षिण) |
महंत रामसुंदर दास |
बृजमोहन अग्रवाल |
प्रदीप साहू |
विजय झा |
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5 |
पाटन |
भूपेश बघेल |
विजय बघेल |
अमित जोगी |
अमित हीरामणि |
बिलासपुर जिले के कोटा विधानसभा क्षेत्र कि बात करे-
भाजपा ने यहाँ से प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, जो छत्तीसगढ़ की राजनीति के दिग्गज रहे दिलीप सिंह जूदेव के पुत्र हैं ,जो अपने पिता की तरह ही आदिवासी इलाकों में ऑंपरेशन घर वापसी चला रहे हैं और वह इस ऑपरेशन के जरिये 10,000 लोगों की हिंदु धर्म के वापसी करवा चुके हैं | यें नगर पालिका परिषद जशपुर के उपाध्यक्ष (2013-2018) रह चुकें हैं और पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं |
वही कांग्रेस के उम्मीदवॉर अटल श्रीवास्तव, जो 2018 के चुनाव में बिलासपुर से दावेदारी कर रहे थे , पर उनकी जहग शैलेश पाण्डेय को टिकट मिला | वर्तमान में वो छतीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष है |
जेसीसी के उम्मीदवॉर डॉ.रेणु जोगी को जोगी परिवार के सौम्य चेहरे के रूप में देखा जाता है। छत्तीसगढ़ के लोगों की नजर में रेनू जोगी ऐसी शख्स हैं जिन्होंने कई त्रासदियों का सामना किया है लेकिन फिर भी मजबूत हैं। जब जेसीसी का गठन हो रहा था और जोगी कांग्रेस से नाता तोड़ रहे थे, तो वह अंत तक अपने पति और बेटे को इसके विपरीत सलाह देती रहीं, हालांकि अंततः उन्होंने अपने पति को पार्टी से बाहर कर दिया, भले ही वह मरवाही से कांग्रेस के टिकट की दावेदार थीं। 2009 के लोकसभा चुनाव में रेणु ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में बिलासपुर सीट से चुनाव लड़ी थी| आज दिनांक में वह जेसीसी की सबसे बड़ी राजनीतिक चेहरा भी हैं।
बिलासपुर जिले के मस्तुरी विधानसभा क्षेत्र कि बात करे-
भाजपा ने यहाँ से वर्तमान विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बंदी को उम्मीदवार बनाया है| सबसे पहले 2003 फिर 2008, 2013 के विधानसभा चुनाव में विजय रहे | 2013-2014 में विशेष अधिकार की समिति के सदस्य रहें और 2019-2021 तक वे सदस्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े वर्ग के कल्याण संबंधी समिति, शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति के छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्य रहें |
वहीं कांग्रेस ने 2018 में दिलीप लहरिया को प्रत्याशी बनाकर मस्तूरी विधानसभा से दूसरी बार चुनाव मैदान में उतारा था | उनके विपक्ष में उतरे भाजपा के कृष्णमूर्ति बांधी ने चुनाव जीता ( 67,950 वोट ) था | दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के जयेंद्र सिंह पाटेल को 53,843 वोट मिले और कांग्रेस केई प्रत्याशी रहे दिलीप लहरिया को 53,620 वोट मिले थे| तीसरी बार दिलीप लहरिया मस्तूरी से कांग्रेस प्रत्याशी होंगे | विशेष बात यह है कि तीनों बार उनके विपक्षी भाजपा के कृष्णमूर्ति बांधी ही हैं |
जेसीसी के उम्मीदवार श्रीमती चांदनी भारद्वाज, जांजगीर की पूर्व सांसद कमला पाटले की बेटी हैं। वर्तमान में वह बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र की भाजपा नेता और पंचायत सदस्य , भाजपा से विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज JCC(J) में शामिल हो गई हैं। इसका खामियाजा शायद भाजपा बीजेपी को भुगतना पड़ सकता है |
बिलासपुर जिले के जांजगीर चांपा विधानसभा क्षेत्र की बात करे-
कांग्रेस ने अकलतरा विधानसभा क्षेत्र से राघवेन्द्र कुमार सिंह को प्रत्याशी बनाया है, जो वर्तमान में कांग्रेस जीला अध्यक्ष है इनके पिता जी राकेश सिंह भी अकलतरा विधानसभा चुनाव लड़े व उनके दादा जी वहाँ के विधायक भी रह चूके हैं |
जेसीसी से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की बहु व जता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रमुख अमित जोगी की पत्नी है | 2013 में भी उन्होंने इसी सीट से चुनाव लड़ी थी |
भाजपा से वर्तमान विधायक सौरभ सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है | पिछले चुनाव को देखें तो सौरभ सिंह को 38.91% वोट मिले थें वहीं दूसरे स्थान पर ऋचा जोगी को 37.72%, बड़े ही कम अंतर से पिछले बार विजयी रहे | उनके विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का कहना है की उन्होंने अकलतरा क्षेत्र में संगठन को बर्बाद करने का काम किया है |
दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा क्षेत्र की बात करे-
भाजपा ने दुर्ग सांसद विजय बघेल को अपना उम्मीदवार बनाया है | वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को टिकट दिया है| दोनों ही रिश्ते में काका भतीजे लगते है | लोगों के बीचे इस सीट को लेकर अलग ही दिलचस्पी देखने को मिल रही है |
वही हाई प्रोफाइल सीट पाटन में एक नया मोड़ आ गया है | यहां से छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी भी चुनाव लड़ रहे है . अमित ने 2013 का विधानसभा चुनाव बिलासपुर जिले के अंतर्गत आने वाली एसटी सीट मरवाही से जीता था।
2014 में चुनाव हारने के बाद समीरा पैकरा ने अमित जोगी की जाति और जन्म स्थान को चुनौती देते हुए बिलासपुर उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की।
