पोलैंड में राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे और निर्णायक चरण का मतदान जारी है, जो देश के राजनीतिक भविष्य के साथ-साथ यूरोपीय संघ के साथ उसके संबंधों की दिशा को भी निर्धारित करेगा। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला वारसॉ के मेयर और यूरोपीय संघ समर्थक उदारवादी उम्मीदवार रफाल ट्रज़ास्कोव्स्की तथा दक्षिणपंथी लॉ एंड जस्टिस पार्टी द्वारा समर्थित रूढ़िवादी इतिहासकार करोल नवरोकी के बीच है।
चूंकि वर्तमान राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा अपना अंतिम कार्यकाल पूरा कर रहे हैं, नया राष्ट्रपति संसद द्वारा पारित कानूनों को मंजूरी देने या उन्हें वीटो करने की शक्ति रखेगा, जिससे प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की मध्यमार्गी नीतियों पर भी गहरा प्रभाव पड़ेगा।
मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और रात 9 बजे तक चलेगा। एग्जिट पोल आज रात आने की उम्मीद है, जबकि अंतिम परिणाम कल घोषित किए जाएंगे। पहले चरण में, जो 18 मई को हुआ था, ट्रज़ास्कोव्स्की को 31% से अधिक वोट मिले थे, जबकि नवरोकी करीब 30% मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे।
इस चुनाव अभियान ने पोलिश समाज में गहराए वैचारिक विभाजन को उजागर किया है। 53 वर्षीय ट्रज़ास्कोव्स्की न्यायिक स्वतंत्रता, गर्भपात के अधिकार और यूरोपीय संघ के साथ मजबूत सहयोग का वादा करते हैं। वहीं, 42 वर्षीय नवरोकी पारंपरिक मूल्यों के पैरोकार हैं, यूरोपीय संघ के प्रति संदेह रखते हैं और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जैसे रूढ़िवादी नेताओं से प्रभावित हैं।
दोनों उम्मीदवार रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन को समर्थन देने के पक्षधर हैं, लेकिन नाटो को लेकर उनकी राय अलग है। ट्रज़ास्कोव्स्की यूक्रेन की नाटो सदस्यता का समर्थन करते हैं, जबकि नवरोकी इसका विरोध करते हैं।
इस चुनाव का परिणाम यह तय करेगा कि पोलैंड उदार लोकतांत्रिक मूल्यों की ओर अग्रसर होगा या फिर राष्ट्रवादी राह पर बना रहेगा।
