बांग्लादेश में जुलाई-अगस्त 2025 के जन-विद्रोह के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराधों के मामले में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) में आज औपचारिक आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। यह जानकारी न्यायाधिकरण के मुख्य अभियोजक मोहम्मद ताजुल इस्लाम ने ढाका के नेशनल प्रेस क्लब में ‘जबरन गायब किए गए लोगों के तत्काल न्याय’ पर आयोजित एक चर्चा के दौरान दी।
12 मई को न्यायाधिकरण की जांच एजेंसी ने शेख हसीना, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून के खिलाफ विस्तृत रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट में जुलाई 2025 के विद्रोह के दौरान किए गए मानवता विरोधी अपराधों के पांच गंभीर आरोप शामिल हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पहले से ही ICT में दो अन्य मामलों का सामना कर रही हैं। एक मामला जबरन गायब करने और न्यायेतर हत्याओं में उनकी कथित भूमिका से जुड़ा है, जबकि दूसरा 2013 में ढाका के शपला चत्तर पर हिफाजत-ए-इस्लाम रैली के दौरान हुई कथित हत्याओं से संबंधित है।
इन मामलों के चलते शेख हसीना की भूमिका और उनके कार्यकाल के दौरान हुई घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बारीकी से नजर रखी जा रही है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं जो यह दर्शाते हैं कि इन अपराधों में शीर्ष नेतृत्व की प्रत्यक्ष संलिप्तता रही है।
