मशहूर फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने आज छात्रों से अपील की कि वे असफलता से डरने के बजाय अपनी ताकत पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी कमजोरियों पर काम करें। वह परीक्षा पे चर्चा-2025 के दूसरे सत्र के दौरान छात्रों से संवाद कर रही थीं।
अभिनेत्री ने छात्रों से कहा कि वे चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ करें, और अगर कोई गलती हो जाए तो घबराएं नहीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छात्रों के साथ बातचीत का उल्लेख करते हुए, दीपिका पादुकोण ने कहा कि यह जरूरी है कि छात्र अपनी भावनाओं को दबाएं नहीं, बल्कि उन्हें खुलकर व्यक्त करें। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे आवश्यकता पड़ने पर परिवार और दोस्तों से अपनी भावनाएं साझा करें।
दीपिका ने यह भी कहा कि अच्छी नींद, पर्याप्त धूप और यदि कोई व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहा हो, तो मदद लेना बेहद महत्वपूर्ण है।
मानसिक स्वास्थ्य की समर्थक दीपिका पादुकोण ने यह भी कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को कलंक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और ऐसे मुद्दों का सामना करने वाले व्यक्तियों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का हक होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए धैर्य रखना सफलता की कुंजी है और यह तनाव से बचने का एक मजबूत तरीका है।
अभिनेत्री ने अभिभावकों से यह अनुरोध किया कि वे परीक्षा के दौरान अपने बच्चों पर अत्यधिक दबाव न डालें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बच्चों की क्षमता केवल पारंपरिक शिक्षा तक ही सीमित नहीं हो सकती है, बल्कि वे अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट हो सकते हैं।
दीपिका ने कहा कि तनाव महसूस करना स्वाभाविक है, और यह जरूरी है कि छात्र इसे संभालने की कला सीखें। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी छात्र किसी भी विषय में कमजोर हो सकता है, लेकिन ऐसी कमजोरियों को दूर करने के लिए हमेशा एक अलग तरीका मौजूद होता है।
अभिनेत्री ने पाठ्येतर गतिविधियों के महत्व को भी रेखांकित किया और कहा कि स्कूल की छोटी-छोटी गतिविधियाँ छात्रों के भविष्य को आकार देने में मदद कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताएं जीवन का हिस्सा हैं और हमें अपने प्रतिद्वंद्वियों से हमेशा कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करनी चाहिए। दीपिका पादुकोण ने छात्रों से यह भी कहा कि वे हमेशा कठिन परिस्थितियों में खुद को चुनौती दें और असफलता से डरें नहीं।
