सभ्यताओं का पर्याय हैं हमारी नदियांः शेखावत
पुणे, 15 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत का मानना है कि हमारी नदियां सभ्यताओं का पर्याय हैं।कई दशकों तक हमें जीवित रखने वाली हमारी नदियों का उपयोग करने के बाद अब हमें विचार करना ही होगा कि हमने नदियों को वापस क्या दिया, वरना हमारी आने वाली पीढ़ियां पानी की कमी का खामियाजा भुगतेंगी।
केंद्रीय मंत्री शेखावत बुधवार को पुणे में नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) और नेशनल इंस्टीट्यूट आफ अर्बन अफेयर्स के तत्वावधान में आयोजित "धारा 2023" के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ देश के 52 शहरों से एकत्रित किए गए जल को एक पात्र में एकीकरण करके किया गया। शेखावत ने कहा कि हमारा देश आजादी के 75 वर्ष पूरे कर चुका है। पिछले कुछ दशकों में तकनीकी रूप से जो परिवर्तन आया है, यह हमारे प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित विकसित भारत बनाने की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के लिए और भी महत्वपूर्ण है। दुनिया हमारे विकास के कारण हमारी ओर देख रही है, विशेषकर भारत को जी-20 की अध्यक्षता सौंपी गई है तभी से। विकसित भारत की चुनौती हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बैठक में 25 राज्यों की ओर से प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया है और पानी को लेकर अपनी योजनाओं पर प्रस्तुतियां दी हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि हमें सावधानी बरतनी होगी कि नदियों पर हमारे कार्यक्रम बुनियादी ढांचे के विकास तक ही सीमित ना रहें बल्कि हमें एक मजबूत "जन नदी" संपर्क स्थापित करने का प्रयास करना होगा। पानी के प्रति सम्मान को फिर से स्थापित करना आवश्यक है, जो हमारे पूर्वजों के पारंपरिक ज्ञान के हिस्से के रूप में पीढ़ी दर पीढ़ी चला गया था। यही समय है कि हम युवा पीढ़ी में उस भावना को उत्पन्न करें। सोशल मीडिया का उपयोग करना आज के समय में एक शक्तिशाली साधन है।
शेखावत ने बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों और अधिकारियों से कहा कि जल शक्ति मंत्रालय हर घर को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, भूजल प्रबंधन और रिचार्ज एक्वीफर मैपिंग, नदी कायाकल्प के लिए बुनियादी रूप से काम कर रहा है और देश जल्द क्षेत्र के लिए सबसे बड़े वित्तीय आवंटन वाले देशों में से एक है। अब हमें दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना है और हम निश्चित रूप से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करेंगे।
इस अवसर पर मौजूद एनएमसीजी के महानिदेशक अशोक कुमार ने सभागार में मौजूद अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों को फिर से जीवंत करने के लिए शुरू किया गया। इस कार्यक्रम से पहले केंद्रीय मंत्री शेखावत ने अधिकारियों के साथ मीरा देवधर बाल कृष्णा बीमा स्थितिकरण बांध परियोजना का हवाई सर्वेक्षण किया।
