नई दिल्ली, 16 फरवरी । पाकिस्तान से गुरुवार को प्रकाशित अधिकांश समाचारपत्रों ने पार्लियामेंट में मिनी बजट पेश किए जाने की खबरों का प्रमुखता दी है। इससे महंगाई का नया तूफान खड़ा हो गया है।
पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ गई हैं। पेट्रोल 22 रुपये 20 पैसे, डीजल 17 रुपये 20 पैसे और मिट्टी का तेल 12 रुपये 90 पैसे, लाइट डीजल 9 रुपये 68 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। एलपीजी की कीमत में 3 रुपये 21 पैसे किलो की वृद्धि की गई है। इसके आलावा सिगरेट, मोबाइल, कुकिंग आयल, सीमेंट, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, कॉस्मेटिक, शादी हॉल पर टैक्स लगाए गए हैं। लैपटॉप, कंप्यूटर, खिलौने, चॉकलेट, टॉफियां, शैंपू, साबुन, क्रीम, लोशन, टूथपेस्ट आदि भी महंगे कर दिए गए हैं।
अखबारों ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का एक बयान छापा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि फाइनेंस बिल (मिनी बजट) का सीनेट में भरपूर विरोध किया जाएगा। मिनी बजट से महंगाई और बेरोजगारी बढ़ेगी। देश वहां पहुंच गया है, जिसका खतरा था। देशवासी शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन के लिए तैयार हो जाएं।
अखबारों ने मिनी बजट में लगाए गए विभिन्न प्रकार के टैक्सों से व्यापारियों की नाराजगी की खबरें देते हुए कहा है कि वह इसे नहीं मानेंगे। व्यापारियों का कहना है कि मिनी बजट से और अधिक महंगाई बढ़ेगी। अखबारों ने पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में लगातार हो रही वृद्धि से नागरिकों के जरिए अपनी गाड़ियां बेचे जाने पर मजबूर होने की खबरें भी दी हैं।
अखबारों ने आतंकवाद विरोधी अदालत के जरिए इमरान खान की जमानत की अर्जी रद्द किए जाने की खबरें देते हुए बताया है कि लाहौर हाई कोर्ट ने इमरान खान को अंतरिम जमानत के लिए आज सुबह 9 बजे तक अदालत में पहुंचने की मोहलत दी है। अदालत ने कहा है कि वह स्ट्रेचर पर आ जाएं, मगर अदालत में उन्हें आना पड़ेगा।
अखबारों ने भारत में दूसरे दिन भी बीबीसी के दफ्तरों पर छापे मारे जाने की खबरें देते हुए बताया है कि इस घटना की विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है। अमेरिका ने इस मुद्दे पर कहा है कि वह पत्रकारिता की स्वतंत्रता के पक्षधर हैं। अखबारों पाकिस्तान में नियुक्त रूस के राजदूत का एक बयान छापा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि इमरान सरकार को हटाने की बुनियादी वजह अंदरूनी तब्दीलियां थीं। अमेरिका जब किसी से नाराज होता है तो वह इसके लिए समस्या तो पैदा करता है।
अखबारों ने अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज का एक बयान छापा है, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था के लिए सिर्फ आईएमएफ पैकेज काफी नहीं होगा। महंगाई 33 प्रतिशत तक जा सकती है। महंगाई बढ़ने की वजह आईएमएफ की कड़ी शर्तें भी हैं। किस्त मिलने से हालात कुछ बेहतर होंगे लेकिन रातों-रात चीजें ठीक नहीं होंगी।
अखबारों ने अमेरिका के जरिए बगैर पायलट वाले चीनी जहाज को मार गिराये जाने की शंघाई सहयोग संगठन के जरिए विरोध किए जाने की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान का एक बयान छापा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि जनरल बाजवा दोबारा एक्सटेंशन लेने की कोशिश कर रहे थे मगर नवाज शरीफ नहीं माने। यह सभी खबरें रोजनामा पाकिस्तान, रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा खबरें, रोजनामा दुनिया, रोजनामा एक्सप्रेस, रोजनामा जंग और रोजनामा औसाफ आदि के पहले पन्ने पर छपी हैं।
रोजनामा जंग ने भारत द्वारा सरक्रीक पर नजर रखने के लिए 42 फुट ऊंचा बंकर बनाने की खबर दी है। इस निर्माण पर पाकिस्तान की आपत्ति को भारत ने रद्द कर दिया है। इस बंकर में रडार भी लगाए जाएंगे। यह वह क्षेत्र है जहां भारतीय मछुआरे अक्सर पाकिस्तान के समुद्री जल क्षेत्र में जाकर मछली पकड़ते हैं। भारत इस तरह की निगरानी को अपने मछुआरों की सुरक्षा करने के लिए बता रहा है। पाकिस्तान ने भारत को इस तरह के निर्माण से खबरदार किया है और कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।