जर्मन चांसलर और मोदी की वार्ता के एजेंडे में होगा यूक्रेन युद्ध व चीन की आक्रमकता
नई दिल्ली, 22 फरवरी (हि.स.)। जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने बुधवार को बताया कि जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज शनिवार से दो दिवसीय यात्रा पर भारत आएंगे। यहां उनकी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ होने वाली वार्ता के एजेंडे में रूस-यूक्रेन संघर्ष और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता मुख्य विषय होंगे।
राजदूत एकरमैन ने कहा कि ओलाफ के दो दिवसीय दौरे में कई विषयों पर दो पक्षीय वार्ता होगी। उन्होंने बताया कि जर्मनी ने यूक्रेन में युद्ध को तत्काल बंद करने और वहां स्थायी शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के एक प्रस्ताव के समर्थन के लिए भारत से संपर्क किया है। प्रेस ब्रीफिंग में जर्मन दूत एकरमैन ने कहा आपका उत्तरी पड़ोसी चीन निश्चित रूप से वार्ता के एजेंडे में है। इंडो-पैसिफिक से जुड़ी हर चीज एजेंडे में होगी और मुझे लगता है कि एक बहुत ही कठिन अंतरराष्ट्रीय पर चर्चा करने का पर्याप्त अवसर है।
जर्मन राजदूत ने कहा कि रूस से तेल खरीदना भारत का अपना फैसला है। इससे जर्मनी काे कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने भारत की कूटनीति की तारीफ भी की।
जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज की दो दिवसीय यात्रा शनिवार से शुरू होगी। इस दौरान जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच व्यापार, जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ उर्जा (क्लीन एनर्जी) और कुशल जनशक्ति जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर वार्ता होगी। जर्मन चांसलर इसके अलावा वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज 26 फरवरी को बेंगलुरु भी जाएंगे।
