स्वदेशी हथियारों की खरीद के लिए 70,584 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मिली मंजूरी
नई दिल्ली, 16 मार्च । रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को सेनाओं के लिए 70,584 करोड़ रुपये से स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित हथियार खरीदने को मंजूरी दे दी है। भारतीय नौसेना के 56 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (ईडब्ल्यू) सिस्टम, 60 नेवल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर आदि शामिल हैं। भारतीय सेना के लिए 307 एटीएजीएस खरीदे जाएंगे, जिन्हें चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा पर तैनात किया जाना है। भारतीय तटरक्षक के लिए 9 एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव खरीदने के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में भारतीय नौसेना के लिए एचएएल से 32 हजार करोड़ रुपये में 60 'मेड इन इंडिया' नेवल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर खरीदने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा नौसेना के लिए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने को भी मंजूरी मिल गई है। ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली की यह अतिरिक्त खरीद समुद्री हमले की क्षमताओं और एंटी-सरफेस वारफेयर ऑपरेशन को बढ़ाएगी, यूटिलिटी हेलीकॉप्टरों को शामिल करने से खोज और बचाव कार्यों, हताहतों की निकासी, मानवीय सहायता आपदा के क्षेत्र में भारतीय नौसेना की परिचालन तत्परता में वृद्धि होगी। इसी तरह ईडब्ल्यू सिस्टम प्रतिकूल परिस्थितियों में अग्रिम पंक्ति के जहाजों को और आधुनिक बनाएंगे।
भारतीय सेना ने चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा पर तैनाती के लिए 307 उन्नत टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) खरीदने का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजा था। भारतीय सेना के लिए 307 एटीएजीएस खरीदने की मंजूरी लम्बे इन्तजार के बाद मिली है। स्वदेशी 155 एमएम/52 कैलिबर एटीएजीएस को डीआरडीओ ने भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के उत्पादन भागीदार के रूप में विकसित किया है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद अब इस प्रस्ताव पर आखिरी मुहर लगाने के लिए सुरक्षा कैबिनेट समिति के पास जल्द भेजे जाने की उम्मीद है। स्वदेशी हॉवित्जर के लिए यह पहला ऑर्डर होगा, जो लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर लक्ष्य को मार सकती है।
डीएसी की बैठक में भारतीय तटरक्षक के लिए 9 एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव खरीदने के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। ये हेलीकॉप्टर निगरानी बढ़ाने के साथ ही भारतीय तट रक्षक को रात-दिन उड़ान की क्षमता प्रदान करेगा। मुंबई पर आतंकी हमला होने के 9 साल बाद तटीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए भारतीय तटरक्षक ने मार्च, 2017 में 16 एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को ऑर्डर दिया था। ये सभी हेलीकॉप्टर कोस्ट गार्ड को मिल चुके हैं, जिनका तटरक्षक बल ने पोरबंदर, भुवनेश्वर, कोच्चि और चेन्नई में ठिकाना बनाया है। देश की इकलौती त्रि-सेवा अंडमान और निकोबार कमांड (सीआईएनसीएएन) में पिछले साल 28 जनवरी को दो स्वदेशी उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एमके-III औपचारिक रूप से शामिल किये गए हैं।
जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त बंकरों के निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास 4,000 बंकर पहले से ही निर्माणाधीन हैं, जिनका काम जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। ये बंकर एलओसी और आईबी से 0 से 3 किमी के बीच में आते हैं। आज मंजूर किये गए प्रस्तावों में से 99% खरीद भारतीय उद्योगों से की जाएगी। स्वदेशी खरीद की इतनी मात्रा भारतीय उद्योगों को 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रेरित करेगी।
