देहरादून, 22 जून । उत्तराखंड के मसूरी की बेटी डॉ. मृणालिनी भारद्वाज ने मिसेज इंडिया एम्प्रेस ऑफ द नेशन 2023 सीजन 4 में फर्स्ट रनर-अप का खिताब जीतकर दूसरे स्थान पर रही। डॉ. मृणालिनी ने बताया कि उनका लक्ष्य उत्तराखंड को फैशन में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इसके लिए वह लगातार प्रयास कर रही हैं और उनका अगला लक्ष्य मिसेज टूरिज्म यूनिवर्स जीतना।
उत्तराखंड को फैशन जगत में नई ऊंचाइयों दिलाते हुए मसूरी निवासी डॉ. मृणालिनी भारद्वाज ने मिसेज इंडिया प्रतियोगिता में फर्स्ट रनर-अप का खिताब जीता है। इस जीत के साथ ही अब डॉ. प्रतियोगिता मिसेज टूरिज्म यूनिवर्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह प्रतियोगिता आगामी सितम्बर माह में मनीला फिलीपींस में आयोजित होने जा रही है।
पुणे में आयोजित हुई इस प्रतियोगिता का आयोजन दीया पेजेंट के कार्ल और अंजना ने किया। विगत एक माह से चल रही इस प्रतियोगिता के ऑडिशन राउंड में पूरे देश से दो सौ महिलाओं का चयन किया गया। इसके बाद हुए मेगा ऑडिशन राउंड में केवल पचास महिलाएं ही अपनी जगह बना पाईं। फाइनल राउंड में टॉप आठ चयनित महिलाओं के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, जिसमें उत्तराखंड की मसूरी निवासी मृणालिनी भारद्वाज दूसरे स्थान पर रहीं।
गौरतलब है कि डॉ. मृणालिनी को बॉलीवुड अभिनेत्री नीलम कोठारी ने पुरस्कृत किया। मृणालिनी मसूरी के प्रख्यात इतिहासकार गोपाल भारद्वाज और शिक्षाविद बीना भारद्वाज की पुत्री हैं। उनके पति चरणजीत साहनी इन्वेसमेंट बैंकर हैं। पेशे से चिकित्सक डा. मृणालिनी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कॉन्वेंट ऑफ जीजेस एंड मैरी, मसूरी से की है। इसके उपरांत उन्होंने भारतीय विद्यापीठ पुणे से बीएएमएस और हैदराबाद एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया से मास्टर्स इन हेल्थ केयर मैनेजमेंट किया है। डॉ. मृणालिनी देश के कई जाने माने अस्पताल में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि 2022 में डीवा मिसेज वेस्ट इंडिया पेजेंट में सेकंड रनर अप का ताज जीता था, जिसने उन्हें वास्तव में इस क्षेत्र में आगे प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने अगली प्रतियोगिता के लिये मेहनत करना शुरू किया, जिसके तहत उन्होंने अपने जीवन शैली में बदलाव कर अपने वजन को कम कर फिट रहने के लिये रोज अभ्यास करना शुरू किया। कुछ दिनों में ही उन्होंने अपना 15 किलो से अधिक वजन कम किया।
उन्होंने बताया कि अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वह लगातार मेहनत करती रहीं। क्योंकि अगर आप में अपने लक्ष्य कसे पाने के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति है तो असंभव को भी संभव किया जा सकता है। उनका लक्ष्य मिसेज टूरिज्म यूनिवर्स जीतना है।
उन्होंने बताया कि उनको यात्रा करना बहुत अच्छा लगता है। देश और दुनिया भर में बड़े पैमाने पर यात्रा की हैं। उन्हें फोटोग्राफी ,ट्रेकिंग करना पसंद है। प्रकृति से उनको बहुत प्रेम है। उन्होंने बहुत कम उम्र में वह आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी के रूप में कार्य कर गंभीर लोगों की जान बचाने का कार्य किया।
कार्डियक एम्बुलेंस में पूरे महाराष्ट्र में 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहकर दुर्घटना और आपातकालीन रोगियों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल पहुंचाने का कार्य किया गया। कोरोना के दौरान टास्क फोर्स में भी कार्य किया और महामारी की दूसरी लहर के दौरान इंटरनेट,फोन,मेल के साथ-साथ शारीरिक रूप से उपस्थित रहकर देश भर में जरूरतमंदों को अस्पतालों में बेड,ऑक्सीजन और दवाएं उपलब्ध कराने का काम किया।