एक अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को ओरेगन के पोर्टलैंड शहर में 200 नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती से अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह निर्णय तब तक प्रभावी रहेगा जब तक कि इस तैनाती के खिलाफ दायर मुकदमे पर अदालत में विस्तृत सुनवाई नहीं हो जाती।
अमेरिकी जिला न्यायाधीश करिन इमरगुट — जिन्हें राष्ट्रपति ट्रंप ने ही नियुक्त किया था — द्वारा जारी यह अस्थायी निरोधक आदेश प्रशासन की उस योजना को बाधित करता है जिसके तहत "कानूनविहीन" और "अराजकता से ग्रस्त" शहरों में सेना भेजी जानी थी। राष्ट्रपति ट्रंप का दावा था कि वे पोर्टलैंड जैसे "संघर्षरत शहरों" की सुरक्षा के लिए यह कदम उठा रहे हैं, जबकि डेमोक्रेटिक नेताओं ने इस कदम को अलोकतांत्रिक और अनुचित बताया।
यह आदेश ओरेगन के डेमोक्रेटिक अटॉर्नी जनरल डैन रेफील्ड द्वारा 28 तारीख को दायर उस मुकदमे के जवाब में आया है, जो ट्रंप द्वारा पोर्टलैंड में संघीय आव्रजन सुविधाओं की सुरक्षा के लिए सैनिक भेजने की घोषणा के एक दिन बाद दायर किया गया था।
मुकदमे में कहा गया है कि घरेलू कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना की तैनाती अमेरिकी संविधान और संघीय कानूनों का उल्लंघन है। विशेष रूप से, यह 'पॉज़े कोमिटैटस एक्ट' (Posse Comitatus Act) का उल्लंघन कर सकता है, जो सेना को घरेलू कानून लागू करने से रोकता है।
न्यायाधीश इमरगुट का अस्थायी आदेश फिलहाल 14 दिनों तक प्रभावी रहेगा, यानी 18 तारीख तक, जिसके बाद इस पर आगे की सुनवाई होगी। इस फैसले को ट्रंप प्रशासन के लिए एक कानूनी और राजनीतिक झटका माना जा रहा है।