व्हाइट हाउस में ट्रंप-ज़ेलेंस्की मुलाकात: लंबी दूरी की मिसाइलों पर असमंजस, युद्धविराम की अपील
रूस-यूक्रेन संघर्ष के चलते बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल व्हाइट हाउस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात की। इस अहम बैठक में अमेरिका द्वारा लंबी दूरी की टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों की आपूर्ति को लेकर ट्रंप ने संदेह और झिझक जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना को भी इन मिसाइलों की जरूरत है, जिससे यह फैसला आसान नहीं है।
इस मुद्दे पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने खुलासा किया कि राष्ट्रपति पुतिन ने गुरुवार को फोन पर ट्रंप को चेताया था कि अगर अमेरिका यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलें देता है, तो रूस-अमेरिका संबंधों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है, भले ही इससे जमीनी लड़ाई की दिशा में कोई बड़ा बदलाव न हो।
बैठक के बाद ट्रंप ने एक शांतिपूर्ण रुख अपनाते हुए दोनों पक्षों से वर्तमान युद्ध रेखा को आधार बनाकर लड़ाई रोकने और तनाव कम करने का आह्वान किया।
बैठक में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ प्रमुख अमेरिकी नेता शामिल थे:
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विदेश मंत्री मार्को रुबियो
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उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
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रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ
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विशेष दूत स्टीव विटकॉफ
राष्ट्रपति ट्रंप के दोबारा पदभार ग्रहण करने के बाद यह ज़ेलेंस्की की तीसरी अमेरिका यात्रा थी। चर्चा के दौरान ज़ेलेंस्की ने अमेरिका को ड्रोन देने की पेशकश की, ताकि उसके बदले लंबी दूरी की मिसाइल सहायता प्राप्त की जा सके। इसके साथ ही उन्होंने गाजा युद्धविराम समझौते पर ट्रंप को बधाई दी और कहा, "अमेरिकी सहयोग से हम इस युद्ध को समाप्त कर सकते हैं।"
इससे पहले गुरुवार को ट्रंप और पुतिन ने फोन पर बातचीत में बुडापेस्ट (हंगरी) में अगली मुलाकात पर सहमति जताई। यह मुलाकात अगस्त में अलास्का में हुई विफल शिखर वार्ता के बाद दोनों नेताओं की दूसरी आमने-सामने की बैठक होगी, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने का प्रयास किया जाएगा।
यह मुलाकात रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका की भूमिका, हथियार सहायता और कूटनीतिक प्रयासों के संतुलन की नई दिशा तय कर सकती है, लेकिन ट्रंप की झिझक और पुतिन की चेतावनी से यह स्पष्ट है कि कोई भी निर्णय भारी रणनीतिक जोखिम के साथ जुड़ा हुआ है।
