फकीर लालन शाह की 135वीं पुण्यतिथि के अवसर पर, ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र (आईजीसीसी) ने "लालन संध्या" नामक एक विशेष सांगीतिक संध्या का आयोजन किया। यह कार्यक्रम मुक्ति संग्राम संग्रहालय सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें लालन गीति की प्रख्यात गायिका फरीदा परवीन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और लालन की संगीत परंपरा को संरक्षित करने में उनके योगदान का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने भारत-बांग्लादेश के गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को रेखांकित किया, जो लालन शाह की शिक्षाओं से प्रेरित हैं। उन्होंने लालन के एकता, करुणा और मानवतावाद के संदेश को राष्ट्रीय सीमाओं से परे बताया।
सांगीतिक प्रस्तुति में चंदना मजूमदार, किरण चंद्र रॉय, और टुनटुन बाउल एवं उनकी टीम ने अपने गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। साथ ही, लालन बिस्वा संघ के संस्थापक अब्देल मन्नान ने लालन की शिक्षाओं की समकालीन प्रासंगिकता पर विचार प्रस्तुत किए। यह कार्यक्रम लालन शाह के समावेशिता, समानता और आध्यात्मिक एकता के संदेश को उजागर करने वाला एक भावनात्मक और सांस्कृतिक उत्सव रहा।
