आईएमएफ ने बांग्लादेश को 1.3 बिलियन डॉलर की तीसरी और चौथी ऋण किस्त को दी मंजूरी, आर्थिक स्थिरता की उम्मीद
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने बांग्लादेश के लिए 4.7 बिलियन डॉलर के ऋण कार्यक्रम के अंतर्गत तीसरी और चौथी किस्तों के रूप में कुल 1.3 बिलियन डॉलर जारी करने की मंजूरी दे दी है। आईएमएफ की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि यह राशि 26 जून को बांग्लादेश के खाते में जमा होने की संभावना है।
आईएमएफ कार्यकारी बोर्ड ने प्रदर्शन मानदंडों में कुछ संशोधन भी स्वीकृत किए हैं। बोर्ड ने यह स्वीकार किया कि कुछ प्रदर्शन मानदंडों का पालन नहीं हो सका, लेकिन यह चूक अस्थायी थी और सरकार ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं। इसी आधार पर, विनिमय प्रतिबंधों को न बढ़ाने और न लागू करने से जुड़े मानदंडों के उल्लंघन पर छूट प्रदान की गई है।
आईएमएफ ने कहा कि 2024 की गर्मियों में हुए जनविद्रोह के बाद बांग्लादेश को गहरी व्यापक आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन घटनाओं ने न केवल पिछली सरकार को सत्ता से बाहर किया, बल्कि एक अंतरिम सरकार की स्थापना की आवश्यकता भी उत्पन्न की। राजनीतिक अस्थिरता, सख्त नीतियों का लगातार पालन, व्यापार पर बढ़ती रुकावटें और बैंकिंग क्षेत्र में तनाव के कारण देश की आर्थिक स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।
आईएमएफ ने इस ऋण कार्यक्रम को पहली बार 31 जनवरी, 2023 को मंजूरी दी थी। तीन साल छह महीने की अवधि वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य बांग्लादेश को आर्थिक स्थिरता बनाए रखने, कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समावेशी व पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने में मदद करना है।
उस समय की अवामी लीग सरकार ने यह ऋण मुख्य रूप से बढ़ते चालू खाता घाटे, विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट और बांग्लादेशी टका के मूल्यह्रास से निपटने के लिए मांगा था।
इन दो किस्तों के जारी होने से बांग्लादेश को विदेशी मुद्रा संकट से उबरने में सहायता मिलने की उम्मीद है और यह देश की आर्थिक स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
